अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए बड़ी हलचल शुरू हो गई है. ईरान फिलहाल अमेरिका की तरफ से आए एक शांति प्रस्ताव की जांच कर रहा है और इसका औपचारिक जवाब पाकिस्तान के जरिए भेजा जाएगा. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि ईरानी नेता समझौता करना चाहते हैं, लेकिन साथ ही उन्होंने सख्त चेतावनी भी जारी की है.

अमेरिका के 14 पॉइंट वाले प्रस्ताव में क्या खास है?

खबरों के मुताबिक अमेरिका ने एक पन्ने का प्रस्ताव भेजा है जिसमें 14 मुख्य बातें लिखी हैं. इस मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) का मकसद युद्ध को पूरी तरह खत्म करना और अगले 30 दिनों तक विस्तृत बातचीत करना है. इस प्रस्ताव में कुछ बड़ी शर्तें शामिल हैं:

  • परमाणु कार्यक्रम: ईरान को अपने परमाणु संवर्धन (Nuclear Enrichment) पर 10 से 15 साल तक रोक लगानी होगी या उसे सीमित करना होगा.
  • पाबंदियां और फंड: अमेरिका ईरान पर लगी पाबंदियों को धीरे-धीरे हटाएगा और ईरान के फ्रीज किए गए पैसों को वापस करेगा.
  • समुद्री रास्ता: Strait of Hormuz के रास्ते शिपिंग को फिर से चरणबद्ध तरीके से खोला जाएगा.

पाकिस्तान का रोल और ईरान की प्रतिक्रिया क्या है?

इस पूरी बातचीत में पाकिस्तान एक मुख्य मध्यस्थ (Mediator) की भूमिका निभा रहा है. पाकिस्तान का मकसद मौजूदा युद्धविराम को एक स्थायी शांति समझौते में बदलना है. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने पुष्टि की है कि तेहरान प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है और जवाब पाकिस्तान के माध्यम से ही आएगा.

हालांकि, ईरान के अंदर अलग-अलग राय है. ईरानी सांसद Ebrahim Rezaei ने इस प्रस्ताव को वास्तविकता के बजाय अमेरिका की एक इच्छा सूची (Wish-list) बताया है. वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने इन बातचीत को काफी जटिल और तकनीकी बताया है.

ट्रंप की चेतावनी और ताज़ा अपडेट

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 6 मई को कहा कि समझौता होना बहुत संभव है क्योंकि पिछले 24 घंटों में बातचीत बहुत अच्छी रही. लेकिन उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर समझौता नहीं हुआ, तो बमबारी फिर से शुरू होगी और इस बार उसकी तीव्रता बहुत ज्यादा होगी.

ताज़ा अपडेट के अनुसार, अमेरिका ने अपनी सैन्य कार्रवाई ‘Project Freedom’ को फिलहाल रोक दिया है, जो Strait of Hormuz को खोलने के लिए शुरू की गई थी. माना जा रहा है कि 14-15 मई को ट्रंप की चीन यात्रा से पहले एक शुरुआती समझौते पर मुहर लग सकती है. इसी बीच, 7 मई को ईरान ने Strait of Hormuz में एक दक्षिण कोरियाई जहाज पर हुए धमाके में अपनी किसी भी संलिप्तता से इनकार किया है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका और ईरान के बीच क्या समझौता होने जा रहा है?

अमेरिका ने 14 बिंदुओं का एक प्रस्ताव भेजा है जिसमें युद्ध खत्म करने, ईरान के परमाणु संवर्धन को सीमित करने और बदले में अमेरिकी पाबंदियों को हटाने की बात कही गई है.

इस बातचीत में पाकिस्तान की क्या भूमिका है?

पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ का काम कर रहा है और दोनों देशों के बीच बैक-चैनल बातचीत को आसान बना रहा है.