ईरान और अमेरिका के बीच चल रही जंग और बातचीत को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। New York Times की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की Revolutionary Guard (IRGC) अब देश के सबसे बड़े और रणनीतिक फैसले ले रही है। युद्ध और अमेरिका के साथ होने वाली बातचीत पर पूरी तरह से IRGC का कब्जा है।

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IRGC का बातचीत और फैसलों पर क्या असर है?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के अंदरूनी सत्ता संघर्ष में Revolutionary Guard की जीत हुई है। अब यही संगठन तय कर रहा है कि अमेरिका के साथ कैसे निपटना है। IRGC के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल Ahmad Vahidi और उनके करीबी लोग किसी भी लचीले समझौते के खिलाफ हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इसी वजह से बातचीत रुकी हुई है क्योंकि IRGC किसी भी तरह झुकने को तैयार नहीं है।

ईरान का नया प्रस्ताव और अमेरिका का जवाब क्या है?

27 अप्रैल 2026 को ईरान ने पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए अमेरिका को एक नया प्रस्ताव भेजा। इसमें Strait of Hormuz को फिर से खोलने और युद्ध खत्म करने की बात कही गई। हालांकि, इस प्रस्ताव में परमाणु बातचीत को फिलहाल अलग रखने का सुझाव दिया गया ताकि जल्द से जल्द तनाव कम हो सके। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता Olivia Wales ने साफ किया कि अमेरिका प्रेस के जरिए बातचीत नहीं करेगा। वहीं राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि अमेरिका के पास सभी कार्ड हैं और ईरान को परमाणु हथियार नहीं मिलने चाहिए।

क्षेत्र में सैन्य हलचल और अन्य देशों की राय क्या है?

  • अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य ताकत बढ़ा दी है और वहां तीन एयरक्राफ्ट कैरियर ग्रुप तैनात किए हैं।
  • जर्मनी के चांसलर Friedrich Merz ने कहा कि Revolutionary Guard बहुत कुशलता से बातचीत कर रहे हैं और वे उम्मीद से ज्यादा मजबूत दिख रहे हैं।
  • लेबनान और इसराइल के बीच होने वाली बातचीत को हिजबुल्ला के नेता Naim Qassem ने गलत बताया है।