ईरान और अमेरिका के बीच छिड़ी जंग का असर अब आम लोगों की सेहत और जेब पर पड़ रहा है। हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने से दवाओं की सप्लाई चेन पूरी तरह टूट गई है। इसकी वजह से दवाओं के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं और कई जरूरी दवाइयां मिलना मुश्किल हो गया है। इस संकट ने वैश्विक स्वास्थ्य सेवाओं के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।

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दवाओं की कीमतों में भारी बढ़ोतरी और किल्लत क्यों है?

रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान में दवाओं की कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं, जिनमें से कुछ के दाम 380% तक ऊपर चले गए हैं। इसका मुख्य कारण हॉर्मुज़ Strait का बंद होना और अमेरिकी नाकाबंदी है।

  • ट्रेड में गिरावट: युद्ध की शुरुआत में इस समुद्री रास्ते से होने वाला व्यापार लगभग 90% तक गिर गया था।
  • सप्लाई चेन पर असर: दवाओं के लिए जरूरी कच्चे माल और केमिकल सॉल्वेंट्स की सप्लाई रुक गई है, जिससे माल ढुलाई का खर्च बढ़ गया है।
  • गंभीर खतरा: टीकों (Vaccines) और कैंसर के इलाज जैसी कोल्ड चेन दवाओं की सप्लाई दुबई के बंदरगाहों पर अटकी हुई है।
  • कच्चे माल की कमी: दवाओं की पैकिंग और उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले पेट्रोलियम उत्पादों की कमी हो गई है।

हॉर्मुज़ Strait को लेकर अंतरराष्ट्रीय विवाद क्या है?

समुद्री कानूनों (UNCLOS) के मुताबिक हॉर्मुज़ Strait एक अंतरराष्ट्रीय रास्ता है, जहाँ सभी जहाजों को आने-जाने की आजादी है। लेकिन इस युद्ध ने नियमों को बदल दिया है।

  • अमेरिका की कार्रवाई: अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 को ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी की थी।
  • ईरान का दावा: ईरान का कहना है कि वह अंतरराष्ट्रीय नियमों से बंधा नहीं है और सुरक्षा के लिए रास्ता बंद करने का अधिकार रखता है।
  • UN की कोशिश: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने रिज़ॉल्यूशन 2817 पारित किया था, लेकिन रूस और चीन ने हॉर्मुज़ Strait से जुड़े प्रस्ताव को वीटो कर दिया।
  • वैश्विक असर: 29 अप्रैल 2026 को इस संकट के बीच UAE ने OPEC से अलग होने का ऐलान कर दिया।

नेताओं और अधिकारियों ने इस स्थिति पर क्या कहा?

इस संकट पर दुनिया भर के बड़े नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने अमेरिकी नाकाबंदी को अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान अंदरूनी तौर पर कमजोर हो रहा है।

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने 27 अप्रैल 2026 को अपील की थी कि इस रास्ते को खोला जाए ताकि वैश्विक अर्थव्यवस्था को राहत मिल सके। अल जजीरा की उम्मे-कुलसुम शरीफ ने बताया कि यह रास्ता केवल तेल के लिए नहीं बल्कि दवाओं के लिए भी एक बहुत बड़ा केंद्र है, जिसके बंद होने से पूरी दुनिया में महंगाई बढ़ रही है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान में दवाओं की कीमतें कितनी बढ़ी हैं?

रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान में कुछ जरूरी दवाओं की कीमतें 380% तक बढ़ गई हैं। इसका कारण अमेरिकी नाकाबंदी, मुद्रा का गिरना और सप्लाई रूट का बंद होना है।

हॉर्मुज़ Strait के बंद होने से दवाओं पर क्या असर पड़ा है?

यह रास्ता दवाओं और कच्चे माल के परिवहन का मुख्य केंद्र है। इसके बंद होने से शिपमेंट में देरी हुई है, माल ढुलाई का खर्च बढ़ा है और टीकों जैसे महत्वपूर्ण उत्पादों की सप्लाई रुक गई है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.