ईरान और अमेरिका-इसराइल के बीच बढ़ते युद्ध के खतरों को टालने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोशिशें काफी तेज हो गई हैं. ओमान और पाकिस्तान इस तनाव को कम करने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं और खबर है कि बातचीत अब अंतिम दौर में पहुँच चुकी है. खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह स्थिति काफी चिंताजनक है क्योंकि तनाव बढ़ने से तेल की कीमतों और सुरक्षा पर सीधा असर पड़ रहा है.

ट्रम्प का अल्टीमेटम और ईरान की क्या है मांग?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज खोलने के लिए मंगलवार रात 8 बजे तक का समय दिया है. ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने यह रास्ता नहीं खोला तो अमेरिका ईरान के बुनियादी ढांचे जैसे बिजली घरों और पुलों को नष्ट कर देगा. इसके जवाब में ईरान ने 45 दिन के अस्थायी युद्धविराम को मानने से इनकार कर दिया है. ईरान के प्रतिनिधियों का कहना है कि वे केवल तभी रुकेंगे जब युद्ध को पूरी तरह खत्म करने की लिखित गारंटी मिलेगी. ईरान ने पाकिस्तान के जरिए 10 सूत्रीय प्रस्ताव भी भेजा है जिसमें प्रतिबंध हटाने की मांग की गई है.

खाड़ी देशों में मौजूदा हालात और सुरक्षा चेतावनी

सऊदी अरब और बहरीन के बीच किंग फहद कॉजवे को हमलों की आशंका के बाद फिर से खोल दिया गया है. इस बीच, सऊदी अरब ने जानकारी दी है कि उस पर मंगलवार सुबह सात ईरानी मिसाइलें दागी गईं. सुरक्षा को देखते हुए इसराइली सेना ने भी ईरान में रेलवे लाइनों के पास रहने वाले लोगों को वहां से हटने की चेतावनी दी है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद भी अब स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में जहाजों की सुरक्षा को लेकर एक प्रस्ताव पर वोटिंग करने की तैयारी में है ताकि व्यापारिक जहाजों का रास्ता साफ़ किया जा सके.

मुख्य घटना ताजा जानकारी
ट्रम्प की समय सीमा मंगलवार रात 8 बजे ET (मिडनाइट GMT)
ईरान का प्रस्ताव स्थायी युद्ध अंत और सुरक्षा की गारंटी
सऊदी अरब पर हमला 7 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं
तेल की कीमतें शिपिंग बाधित होने से भाव में बढ़ोतरी जारी
ओमान की भूमिका ईरान के साथ मिलकर जहाजों के लिए रास्ता बनाने पर चर्चा
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.