28 फरवरी 2026 से शुरू हुआ ईरान और अमेरिका-इजरायल का युद्ध अब एक महीने से ऊपर खिंच गया है। अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth और राष्ट्रपति Donald Trump के अलग-अलग बयानों ने इस युद्ध की अवधि को लेकर चर्चा छेड़ दी है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है और इसका असर अंतरराष्ट्रीय तेल सप्लाई और समुद्री रास्तों पर भी पड़ रहा है।

ℹ️: US-Israel War with Iran: अमेरिका ने कहा ईरान से अब बमों के ज़रिए होगी बात, खाड़ी देशों में अलर्ट

युद्ध कब तक चलेगा और अमेरिका का इस पर क्या कहना है?

अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने मार्च की शुरुआत में कहा था कि यह युद्ध हफ्तों तक चल सकता है और यह कोई कभी न खत्म होने वाली जंग नहीं होगी। हालांकि, 19 मार्च को उन्होंने स्पष्ट किया कि युद्ध खत्म करने की कोई निश्चित समय सीमा तय नहीं है और इसका फैसला राष्ट्रपति Donald Trump खुद करेंगे। व्हाइट हाउस के अनुसार, सैन्य अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक ईरान का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता।

  • 30 मार्च तक अमेरिकी और इजरायली सेना ने ईरान के करीब 13,000 ठिकानों पर हमला किया है।
  • ईरान का करीब 80 प्रतिशत एयर डिफेंस सिस्टम तबाह होने का दावा किया गया है।
  • अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक वे उम्मीद से ज्यादा तेजी से इस लड़ाई को जीत रहे हैं।
  • जंग की शुरुआत में अनुमान लगाया गया था कि यह 4 से 5 सप्ताह तक चलेगी।

खाड़ी देशों और आम जनता पर इस युद्ध का क्या असर हुआ है?

इस युद्ध का सीधा असर खाड़ी देशों की सुरक्षा और व्यापार पर पड़ा है। कुवैत और दुबई के पास जहाजों पर हमले की खबरें आई हैं जिससे तेल का कारोबार प्रभावित हुआ है। भारतीय प्रवासियों और खाड़ी में रहने वाले लोगों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किए गए हैं। ईरान से आने-जाने वाली सभी कमर्शियल उड़ानें बंद कर दी गई हैं और जमीनी रास्तों पर भी सख्त पाबंदियां लागू हैं।

क्षेत्र नुकसान और प्रभाव
ईरान अब तक 1,900 से अधिक लोगों की मौत की खबर है
इजरायल 19 लोगों की मौत और हिजबुल्लाह के दर्जनों हमले
कुवैत वॉटर प्लांट पर हमला और दुबई के पास तेल टैंकर को बनाया गया निशाना
शिपिंग हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पर बुरा असर पड़ा है

खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि वे स्थानीय दूतावासों के संपर्क में रहें। नाटो (NATO) ने भी तुर्की के हवाई क्षेत्र में ईरानी मिसाइलों को रोकने के लिए अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। फिलहाल तेल और गैस के टैंकरों की आवाजाही रुकी हुई है क्योंकि समुद्र में हमलों का खतरा लगातार बना हुआ है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.