ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे युद्ध को 10 दिन पूरे हो गए हैं। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक ईरान में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,332 हो गई है जिसमें 200 से ज्यादा बच्चे शामिल हैं। सोमवार को तेहरान में मारे गए लोगों के लिए बड़ा जनाजा निकाला गया जिसमें हजारों लोग शामिल हुए। इस बीच ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और तेल से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं को निशाना बनाया है। इससे गल्फ देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के बीच सुरक्षा और भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।

ईरान में नुकसान और हताहतों का ताजा आंकड़ा क्या है?

ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय और रेड क्रेसेंट ने युद्ध के 10वें दिन तक हुए नुकसान की जानकारी साझा की है। आंकड़ों के अनुसार अब तक 12,000 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। अस्पतालों पर दबाव बढ़ गया है और रिहायशी इलाकों के साथ-साथ स्कूलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने स्कूलों पर हुए हमलों की जांच करने की बात कही है।

विवरण संख्या और जानकारी
कुल मौतें 1,332 (200 बच्चे शामिल)
कुल घायल लगभग 12,000 लोग
नुकसान हुए मकान 11,293 रिहायशी इमारतें
स्कूलों पर असर 65 स्कूलों को पहुंचा नुकसान
अभियान की शुरुआत 28 फरवरी 2026

ईरान में नया सुप्रीम लीडर और युद्ध की वर्तमान स्थिति

ईरान में सत्ता परिवर्तन के बीच युद्ध और तेज हो गया है। मोज्तबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया है जो अब ईरान की सैन्य कार्रवाई की देखरेख कर रहे हैं। दूसरी तरफ अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि उनका सैन्य अभियान समय से काफी आगे चल रहा है और उनका मकसद ईरानी परमाणु और मिसाइल प्रोग्राम को पूरी तरह खत्म करना है।

  • मोज्तबा खामेनेई ने 8 मार्च को आधिकारिक तौर पर कमान संभाली है।
  • इजरायली सेना ने तेहरान और इस्फ़हान में नई लहर के तहत हवाई हमले किए हैं।
  • ईरान ने जवाबी कार्रवाई में मिडिल ईस्ट के अमेरिकी बेस पर ड्रोन हमले किए हैं।
  • खाड़ी देशों के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले से तेल की सप्लाई प्रभावित होने का डर है।

खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों के लिए यह स्थिति काफी संवेदनशील है। ईरान द्वारा तेल ठिकानों को निशाना बनाने से इस क्षेत्र में काम करने वाले प्रवासियों की सुरक्षा और कामकाज पर सीधा असर पड़ सकता है। फिलहाल कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।