ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने के लिए एक बड़ी कोशिश शुरू हुई है। अमेरिका ने ईरान की तरफ एक 14 सूत्रीय शांति प्रस्ताव भेजा है, जिसका तेहरान फिलहाल मूल्यांकन कर रहा है। हालांकि, इस प्रस्ताव को लेकर दोनों देशों के बीच खींचतान जारी है और ईरान ने अमेरिका की कुछ मांगों को बहुत ज्यादा और अनुचित बताया है।

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ईरान और अमेरिका के बीच शांति प्रस्ताव का पूरा मामला क्या है?

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाएई ने 4 मई, 2026 को पुष्टि की कि अमेरिका का यह प्रस्ताव पाकिस्तान के माध्यम से प्राप्त हुआ है। शुरुआत में तेहरान इस पर विचार कर रहा था, लेकिन 5 मई को बगाएई ने कहा कि वाशिंगटन की मांगें इतनी अधिक हैं कि इस प्रस्ताव का सही आकलन करना मुश्किल हो रहा है। 6 मई की रिपोर्ट के मुताबिक, Axios ने बताया कि अमेरिकी अधिकारी अब 48 घंटों के भीतर एक समझौता ज्ञापन (MoU) के मुख्य बिंदुओं पर ईरान के जवाब का इंतज़ार कर रहे हैं।

शांति के लिए ईरान ने अमेरिका के सामने क्या शर्तें रखी हैं?

ईरान ने अमेरिका के 9 सूत्रीय ढांचे के जवाब में अपना 14 सूत्रीय प्रस्ताव रखा है। ईरान की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:

  • ईरान केवल अस्थायी युद्धविराम नहीं, बल्कि 30 दिनों के भीतर युद्ध को स्थायी रूप से खत्म करना चाहता है।
  • भविष्य में होने वाले हमलों के खिलाफ गारंटी और ईरान के आसपास से अमेरिकी सेना की पूरी तरह वापसी।
  • ईरान की जमी हुई वित्तीय संपत्तियों को वापस करना और सभी प्रतिबंधों को हटाना।
  • युद्ध के दौरान हुए नुकसान की भरपाई (क्षतिपूर्ति) करना।
  • लेबनान सहित सभी मोर्चों पर लड़ाई को तुरंत रोकना।
  • होर्मुज जलडमरूमध्य को चलाने के लिए एक नई व्यवस्था बनाना।
  • परमाणु अप्रसार संधि (NPT) के तहत यूरेनियम संवर्धन के अपने अधिकार को बनाए रखना।

दोनों देशों के बड़े अधिकारियों ने इस पर क्या कहा?

इस मामले में दोनों तरफ से कड़े बयान सामने आए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि वह ईरान के प्रस्ताव को खारिज कर सकते हैं, क्योंकि उनके मुताबिक ईरान ने अपने किए की पर्याप्त कीमत नहीं चुकाई है। दूसरी तरफ, ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने साफ कहा कि अब गेंद वाशिंगटन के पाले में है और ईरान कूटनीति और युद्ध, दोनों ही रास्तों के लिए पूरी तरह तैयार है। फिलहाल एक MoU पर बातचीत चल रही है, जिससे युद्ध खत्म करने की घोषणा होगी और अगले 30 दिनों तक परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

शांति प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए क्यों आया?

पाकिस्तान ने इस संवेदनशील मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभाई है और इसी कारण अमेरिकी प्रस्ताव पाकिस्तान के माध्यम से ईरान तक पहुँचाया गया।

प्रस्तावित MoU (समझौता ज्ञापन) में क्या शामिल होगा?

MoU के तहत सबसे पहले युद्ध की समाप्ति की घोषणा होगी, जिसके बाद परमाणु संवर्धन, प्रतिबंधों में राहत और होर्मुज जलडमरूमध्य के पारगमन जैसे मुद्दों पर 30 दिनों की विस्तृत बातचीत शुरू होगी।