ईरान-अमेरिका सीजफायर 22 अप्रैल को होगा खत्म, होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा तनाव, अमेरिका ने जब्त किया ईरानी जहाज

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा दो हफ्ते का सीजफायर अब खत्म होने वाला है। 22 अप्रैल को इसकी समय सीमा समाप्त हो जाएगी, लेकिन दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की जब्ती और ड्रोन हमलों ने स्थिति को गंभीर बना दिया है, जिससे क्षेत्र में युद्ध की आशंका बढ़ गई है।

सीजफायर खत्म होने से पहले क्यों बढ़ा तनाव?

अमेरिका की मुख्य शर्त यह थी कि होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोला जाए, लेकिन ईरान इसे अपने नियंत्रण में रखना चाहता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर फ्रांसीसी और यूके के जहाजों पर हमला करने का आरोप लगाया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों और पुलों जैसे नागरिक बुनियादी ढांचे को नष्ट कर देगा।

पिछले 24 घंटों के बड़े घटनाक्रम

घटना/व्यक्ति विवरण
अमेरिकी नौसेना होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी मालवाहक जहाज ‘तुस्का’ को जब्त किया
ईरान ओमान की खाड़ी में अमेरिकी जहाजों पर ड्रोन हमले किए और जलडमरूमध्य बंद किया
शांति वार्ता ईरान ने इस्लामाबाद में दूसरे दौर की बातचीत में शामिल होने से मना कर दिया
डोनाल्ड ट्रम्प सीजफायर बढ़ाने की उम्मीद में अपने वार्ताकारों को पाकिस्तान भेजेंगे
IRGC ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स मिसाइलों और ड्रोनों का स्टॉक कर रही है
शहबाज शरीफ बढ़ते तनाव को लेकर ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से फोन पर बात की

मध्यस्थता और अन्य देशों का रुख

पाकिस्तान इस विवाद को सुलझाने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर सक्रिय हैं। वहीं चीन ने अमेरिका को होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी न करने की चेतावनी दी है। रूस ने स्पष्ट कर दिया है कि वह ईरान को कोई सैन्य सहायता नहीं देगा।