अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. पाकिस्तान की कोशिशों के बाद ईरान अब वाशिंगटन के ताजा प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है. इस बात को लेकर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं कि क्या दोनों देश समझौते पर पहुँच पाएंगे या फिर यह मामला एक बड़े युद्ध में बदल जाएगा, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र पर असर पड़ेगा.

अमेरिका और ईरान की शर्तों में क्या है

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने बताया कि ईरान अपने 14 सूत्रीय एजेंडे के आधार पर अमेरिकी प्रस्ताव की जांच कर रहा है. दोनों देशों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान पाकिस्तान के जरिए हो रहा है. प्रस्तावों की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • अमेरिका का प्रस्ताव: इसमें 60 दिनों का युद्धविराम, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलना और कम से कम 12 साल तक यूरेनियम संवर्धन रोकने की बात कही गई है, जिसके बदले प्रतिबंध हटाए जाएंगे.
  • ईरान की मांग: ईरान चाहता है कि सभी मोर्चों (लेबनान सहित) पर युद्ध पूरी तरह खत्म हो, उसकी जमी हुई संपत्ति वापस मिले, जहाजों के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई बंद हो और होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की पूरी संप्रभुता रहे.

ट्रंप की चेतावनी और ईरान का सख्त जवाब

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 21 मई 2026 को कहा कि बातचीत अपने आखिरी दौर में है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान की तरफ से 100 प्रतिशत सही जवाब नहीं मिले, तो nasty things यानी बहुत बुरे नतीजे हो सकते हैं. ट्रंप ने यह भी साफ किया कि वह डील करने की जल्दबाजी में नहीं हैं.

दूसरी तरफ, ईरान की IRGC ने चेतावनी दी कि अगर हमला दोबारा हुआ, तो युद्ध इस क्षेत्र से बहुत आगे तक फैल जाएगा और अमेरिका को करारा जवाब दिया जाएगा. इसी बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि उन्होंने नाकेबंदी के तहत 90 जहाजों का रास्ता बदला और ओमान की खाड़ी में एक ईरानी तेल टैंकर को पकड़ा.

पाकिस्तान की भूमिका और अन्य देशों का रुख

पाकिस्तान इस समय मध्यस्थ के रूप में बड़ी भूमिका निभा रहा है. पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री Mohsin Naqvi इसी हफ्ते दो बार तेहरान गए और एक जरूरी संदेश पहुँचाया. साथ ही, पाकिस्तान के सेना प्रमुख Asim Munir भी 21 मई को तेहरान जाने वाले हैं ताकि बातचीत को आगे बढ़ाया जा सके.

सऊदी अरब के विदेश मंत्री Faisal bin Farhan Al Saud ने पाकिस्तान की कोशिशों की तारीफ की और ईरान से अपील की कि वह इस मौके का फायदा उठाकर समझौता कर ले. तुर्की के राष्ट्रपति Recep Tayyip Erdogan ने भी उम्मीद जताई कि विवादित मुद्दों का एक समझदारी भरा समाधान निकल सकता है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित डील में मुख्य शर्तें क्या हैं

अमेरिका ने 60 दिन के युद्धविराम और 12 साल तक यूरेनियम संवर्धन रोकने का प्रस्ताव दिया है. वहीं ईरान अपनी जमी हुई संपत्ति की वापसी और सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करने की मांग कर रहा है.

पाकिस्तान इस विवाद को सुलझाने के लिए क्या कर रहा है

पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी और सेना प्रमुख आसिम मुनीर तेहरान जाकर अमेरिकी और ईरानी नेतृत्व के बीच मध्यस्थता कर रहे हैं और जरूरी संदेश पहुँचा रहे हैं.