Iran-USA Ceasefire: अमेरिका ने बढ़ाया युद्ध विराम का समय, लेकिन ईरान ने बातचीत से किया इनकार
अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनावपूर्ण स्थिति में एक नया मोड़ आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने युद्ध विराम (Ceasefire) की समय सीमा को आगे बढ़ाने का फैसला किया है। हालांकि, ईरान की तरफ से इस फैसले पर मिली-जुली प्रतिक्रिया आई है और बातचीत को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
डोनाल्ड ट्रम्प ने क्यों बढ़ाया युद्ध विराम का समय?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 21 अप्रैल 2026 को युद्ध विराम को आगे बढ़ाने का ऐलान किया। यह फैसला पाकिस्तान की सरकार और वहां की सेना के अनुरोध पर लिया गया। पाकिस्तान चाहता था कि ईरान अपनी एक साझा योजना तैयार कर ले, ताकि दोनों देशों के बीच शांति बनी रहे। ट्रम्प ने यह भी साफ किया कि अमेरिकी सेना अपनी तैयारी जारी रखेगी और ईरान की घेराबंदी बनी रहेगी।
ईरान ने बातचीत में शामिल होने से क्यों मना किया?
ईरान की एजेंसी Tasnim ने बताया कि ईरान 22 अप्रैल को इस्लामाबाद में होने वाली दूसरी दौर की बातचीत में हिस्सा नहीं लेगा। ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को यह बात बता दी है। वहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाए ने कहा कि अमेरिका के व्यवहार और बयानों में विरोधाभास है, इसलिए अभी कोई आखिरी फैसला नहीं लिया गया है। कुछ ईरानी अधिकारियों का यह भी कहना है कि अमेरिका ने एकतरफा फैसला लिया है, जिसे ईरान शायद ही माने।
अब तक क्या-क्या हुआ और सऊदी अरब का क्या स्टैंड है?
- 7 अप्रैल को ईरान ने कुछ शर्तों के साथ दो हफ्ते के युद्ध विराम के लिए सहमति दी थी।
- 8 अप्रैल को सऊदी अरब ने इस शुरुआती समझौते का स्वागत किया था और पाकिस्तान की मध्यस्थता का समर्थन किया था।
- 15 अप्रैल को ईरान ने युद्ध विराम को और दो हफ्ते बढ़ाने की मांग को खारिज कर दिया था।
- ईरान का कहना है कि अमेरिका को अपनी पुरानी शर्तों को पूरा करना चाहिए और नाजायज मांगें बंद करनी चाहिए।