ईरान और अमेरिका के बीच शांति की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर ग़ालिबाफ ने अमेरिका के साथ हुए दो सप्ताह के संघर्ष विराम को अव्यवहारिक करार दिया है। उनका कहना है कि अमेरिका और इजरायल समझौतों का उल्लंघन कर रहे हैं, जिससे अब बातचीत का कोई मतलब नहीं रह गया है। यह बयान डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पाकिस्तान की मध्यस्थता से किए गए संघर्ष विराम के ठीक एक दिन बाद आया है।

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ईरान ने आखिर किन शर्तों के उल्लंघन का लगाया आरोप?

स्पीकर ग़ालिबाफ ने मुख्य रूप से तीन बड़े मुद्दों पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि ईरान के 10-सूत्रीय प्रस्ताव में लेबनान को भी शांति समझौते में शामिल किया जाना था, लेकिन इजरायल ने वहां हमले जारी रखे हैं। इसके अलावा, उन्होंने दावा किया कि एक ड्रोन ईरानी हवाई क्षेत्र में घुस आया था जिसे लार इलाके में मार गिराया गया। साथ ही, ईरान के यूरेनियम संवर्धन के अधिकार को लेकर भी अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान ने तनाव बढ़ा दिया है। ईरान का मानना है कि इन हालातों में युद्ध रोकना फिलहाल मुमकिन नहीं दिखता।

मौजूदा स्थिति और अगले कुछ दिनों में क्या होगा?

  • इजरायल के हमले: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ उनका ऑपरेशन जारी रहेगा और यह समझौते का हिस्सा नहीं है।
  • हवाई और समुद्री सुरक्षा: ईरान ने समुद्री खदानों के खतरे के कारण जहाजों के लिए वैकल्पिक रास्तों की घोषणा की है, जिससे व्यापारिक जहाजों की चिंता बढ़ गई है।
  • पाकिस्तान में बैठक: तमाम विवादों के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच शुक्रवार को पाकिस्तान में एक अहम बैठक होनी तय हुई है।
  • सैनिक तैयारी: अमेरिकी प्रशासन ने कहा है कि फिलहाल सैन्य ऑपरेशन रोके गए हैं लेकिन उनकी सेना दोबारा युद्ध शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार बैठी है।
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.