ईरान और अमेरिका के बीच हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव चरम पर पहुँच गया है। दोनों देशों की सेनाओं के बीच भारी गोलीबारी और मिसाइल हमले हुए हैं। इस वजह से समुद्री रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है और हज़ारों लोग बीच समुद्र में फंसे हुए हैं।

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ईरान और अमेरिका के बीच यह टकराव क्यों हुआ?

यह विवाद तब शुरू हुआ जब 6 मई 2026 को अमेरिकी सेना ने एक ईरानी तेल टैंकर पर हमला किया। एक फाइटर जेट ने टैंकर के रडर (rudder) को खराब कर दिया क्योंकि वह अमेरिकी नाकाबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहा था। इसके जवाब में 7 मई को ईरानी सशस्त्र बलों ने अमेरिकी सैन्य इकाइयों पर मिसाइल दागी। ईरानी मीडिया के मुताबिक, क़ेशम द्वीप के बहमन पियर (Bahman pier) पर दोनों तरफ से गोलीबारी हुई और बंदर अब्बास शहर के पास धमाकों की आवाज़ें सुनी गईं।

समुद्री रास्ते पर क्या असर पड़ा और कौन-कौन फंसे हैं?

  • रास्ता बंद: लॉयड्स लिस्ट की जानकारी के अनुसार, 4 मई 2026 से हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में कोई जहाज नहीं गुजरा है।
  • फंसे हुए लोग: लगभग 1,500 जहाज और 20,000 चालक दल के सदस्य फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं।
  • तेल उत्पादन: अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने बताया कि ईरान ने अपना तेल उत्पादन करीब 4 लाख बैरल प्रतिदिन कम कर दिया है।
  • अन्य नुकसान: 4 मई को दक्षिण कोरिया का जहाज HMM Namu भी हमले की चपेट में आया था, हालांकि ईरान ने इसकी जिम्मेदारी से इनकार किया है।

सऊदी अरब, कुवैत और पाकिस्तान की क्या भूमिका है?

इस तनाव के बीच सऊदी अरब और कुवैत ने अमेरिकी सेना को अपने सैन्य ठिकानों और हवाई क्षेत्र (airspace) का इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी है। वहीं, पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता कराने की कोशिश कर रहा है और मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर रास्ता खोलने का समझौता नहीं हुआ तो आगे और बमबारी की जा सकती है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में अभी क्या स्थिति है?

यह समुद्री रास्ता 4 मई 2026 से पूरी तरह बंद है, जिसकी वजह से लगभग 1,500 जहाज और 20,000 चालक दल के सदस्य फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं।

क्या सऊदी अरब इस विवाद में शामिल है?

सऊदी अरब ने प्रत्यक्ष युद्ध में हिस्सा नहीं लिया है, लेकिन उसने अमेरिकी सेना को अपने सैन्य बेस और हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने की अनुमति दे दी है।