ईरान के संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने कई बड़े नियमों का उल्लंघन किया है, जिससे अब सीज़फायर और बातचीत का कोई मतलब नहीं रह गया है। यह तनाव तब बढ़ा जब अमेरिका ने ईरान के 80 से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए और तेल प्रतिबंधों से जुड़ी छूट को वापस ले लिया, जिससे दोनों देशों के बीच मुकाबला फिर शुरू हो गया है।
Ghalibaf ने बताया कि ईरान ने शांति के लिए 10 पॉइंट्स का एक प्लान तैयार किया था, लेकिन अमेरिका ने उसे तोड़ा है। उन्होंने कहा कि लेबनान में सीज़फायर न होना और ईरान के फारस प्रांत के Lar शहर में अमेरिकी ड्रोन का घुसना बड़ी गलतियां हैं। इसके अलावा, अमेरिका ने ईरान के यूरेनियम बनाने के अधिकार को मानने से भी इनकार कर दिया है, जिससे बातचीत की सारी उम्मीदें खत्म हो गई हैं।
ईरान के अंदर इस मुद्दे पर अब बहस छिड़ गई है। जहाँ Ghalibaf पहले बातचीत का समर्थन कर रहे थे, वहीं IRGC कमांडर Ahmad Vahidi वाशिंगटन के साथ किसी भी तरह की चर्चा करने के सख्त खिलाफ हैं।
दूसरी तरफ, राष्ट्रपति Donald Trump ने Truth Social पर साफ कहा कि कोई भी समझौता तभी होगा जब ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह बंद कर दे और अपना यूरेनियम सौंप दे। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी हमलों से ईरान की परमाणु क्षमता काफी कम हुई है। हालांकि, उन्होंने ईरानी ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का आदेश दिया है।
