अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ हुए समझौते (MoU) को पूरी तरह खत्म कर दिया है। इस बीच दोनों देशों की सेनाओं के बीच भारी लड़ाई हुई है, जिससे पूरे इलाके में डर का माहौल है।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाए ने बुधवार को आरोप लगाया कि अमेरिका ने समझौते की शर्तों को तोड़ा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में सुरक्षित रास्ते से जुड़े नियमों का पालन नहीं किया और हमला किया। वहीं दूसरी तरफ, तुर्की के अंकारा में नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कह दिया कि अब समझौता खत्म हो चुका है और अमेरिका ने ईरान के साथ बातचीत में समय बर्बाद किया। ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि वह अब उन पर जोरदार हमला करेंगे।

तनाव तब और बढ़ गया जब होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन कमर्शियल जहाजों पर हमले का आरोप लगा। इसके बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के दक्षिणी हिस्से में 80 से ज्यादा ठिकानों पर जोरदार हमले किए। इन हमलों में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, रडार साइट और रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के नौसैनिक ठिकानों को निशाना बनाया गया ताकि ईरान को भारी नुकसान पहुँचाया जा सके।

जवाब में ईरान की IRGC ने बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागीं। इसके अलावा अमेरिका ने ‘जनरल लाइसेंस X’ को भी रद्द कर दिया है, जिससे ईरान के तेल निर्यात पर रोक लग गई है और ceasefire का ढांचा पूरी तरह टूट गया है।

दुनिया भर की प्रतिक्रियाएं

  • नाटो (NATO): महासचिव मार्क रुट्टे ने अमेरिका के हमलों को जरूरी बताया क्योंकि ईरान ने पहले ceasefire तोड़ा था।
  • कुवैत: कुवैत के विदेश मंत्रालय ने ईरान की इन हरकतों की कड़ी निंदा की है।
  • कतर: कतर ने अपने LNG टैंकर ‘अल-रकायत’ पर हुए हमले को अस्वीकार्य बताया और इसके लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया।

एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि यह समझौता पूरी तरह से ईरान के व्यवहार पर टिका था, लेकिन उनके गलत व्यवहार के कारण अब यह खत्म हो गया है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.