Iran USA News: ईरान ने अमेरिका को दी चेतावनी, होर्मुज जलडमरूमध्य पर कसा शिकंजा, बातचीत को बताया युद्ध की निरंतरता
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान ने साफ कह दिया है कि वह अमेरिका के साथ बातचीत तो करेगा, लेकिन केवल अपने राष्ट्रीय हित और सुरक्षा को ध्यान में रखकर। तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अपना नियंत्रण बढ़ा दिया है और अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को समुद्री डकैती करार दिया है।
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ईरान और अमेरिका की बातचीत का क्या मामला है?
ईरान की संसद की नेशनल सिक्योरिटी कमेटी के प्रमुख Ebrahim Azizi ने कहा कि अमेरिका के साथ चल रही बातचीत दरअसल युद्ध के मैदान की ही एक निरंतरता है। ईरान का मानना है कि वार्ता तभी सफल होगी जब उससे वही उपलब्धियां मिलें जो युद्धक्षेत्र में हासिल हुई हैं। अज़ीज़ी ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका दबाव या धमकियों के साथ आगे बढ़ेगा, तो ऐसी बातचीत स्वीकार नहीं होगी। इस्लामाबाद में हुई हालिया बातचीत किसी समझौते पर पहुँचने में विफल रही क्योंकि मुख्य मुद्दों पर बड़ा मतभेद बना हुआ था।
होर्मुज जलडमरूमध्य में क्या तनाव चल रहा है?
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण सख्त कर दिया है। तेहरान का कहना है कि यह कदम अमेरिका द्वारा समझौतों का पालन न करने और क्षेत्र में विघटनकारी कार्रवाइयों का सीधा परिणाम है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को समुद्री डकैती बताया है। खबरों के अनुसार, इस क्षेत्र में तनाव इतना बढ़ गया कि ईरानी गनबोट्स ने एक टैंकर पर गोलीबारी भी की। ईरान ने स्पष्ट किया कि इस समुद्री मार्ग का भविष्य उसके द्वारा बनाए गए कानूनी ढांचे से तय होगा और इसे किसी भी सौदे का हिस्सा नहीं बनाया जाएगा।
प्रमुख अधिकारियों ने क्या कहा?
इस विवाद पर ईरान के अलग-अलग अधिकारियों ने अपनी राय रखी है, जिसका विवरण नीचे दी गई टेबल में है:
| अधिकारी का नाम | पद | मुख्य बयान |
|---|---|---|
| Ebrahim Azizi | प्रमुख, नेशनल सिक्योरिटी कमेटी | अमेरिका पर भरोसा नहीं है, राष्ट्रपति ट्रंप आत्म-मुग्ध और अस्थिर हैं। |
| Mohammad Baqer Ghalibaf | स्पीकर, ईरान संसद | अमेरिका के साथ बातचीत में अब भी बड़ा मतभेद बना हुआ है। |
| Ismail Baghaei | प्रवक्ता, विदेश मंत्रालय | समुद्री मार्ग खोलना अमेरिका द्वारा युद्धविराम की शर्तों को मानने पर निर्भर है। |
| Lt. Col. Ibrahim Zolfaghari | प्रवक्ता, IRGC | अमेरिकी नाकेबंदी समुद्री डकैती है, नियंत्रण तब तक रहेगा जब तक नेविगेशन की आजादी नहीं मिलती। |