ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने वॉशिंगटन को साफ़ तौर पर कह दिया है कि बातचीत की प्रक्रिया को बेवजह लंबा न खींचा जाए। एक तरफ जहाँ अमेरिका अपने शांति प्रस्ताव पर जवाब का इंतज़ार कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ समुद्र में सैन्य झड़पें और नए प्रतिबंधों ने माहौल को और गरमा दिया है।
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का क्या स्टेटस है?
अमेरिका ने ईरान के सामने एक पन्ने का ज्ञापन (Memorandum) रखा है। यह प्रस्ताव एक पूर्ण शांति संधि के बजाय युद्धविराम को आगे बढ़ाने जैसा है। इसमें कहा गया है कि अगर ईरान यूरेनियम संवर्धन रोकता है और होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जहाजों की आवाजाही सुरक्षित करता है, तो अमेरिका प्रतिबंधों में ढील दे सकता है। एक शुरुआती समझौते के तहत 30 दिनों की अवधि तय की जा सकती है जिसमें शिपिंग को बहाल किया जाएगा और प्रतिबंध हटाए जाएंगे, जिसके बाद विस्तार से बातचीत होगी।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने बताया कि तेहरान अभी अमेरिका के शांति प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है और सही समय पर जवाब देगा। उन्होंने यह भी साफ़ किया कि ईरान पर किसी भी तरह की समय सीमा या अल्टीमेटम का कोई असर नहीं होगा। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio और राष्ट्रपति Donald Trump ने उम्मीद जताई कि उन्हें जल्द ही ईरान से इस प्रस्ताव पर जवाब मिल जाएगा।
होर्मुज़ जलडमरूमध्य में सैन्य तनाव और नए प्रतिबंध
8 और 9 मई 2026 को होर्मुज़ जलडमरूमध्य में सैन्य तनाव बढ़ गया और झड़पें हुईं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की कि उनकी सेना ने ईरान के झंडे वाले दो तेल टैंकरों को निष्क्रिय कर दिया, क्योंकि वे ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी का उल्लंघन करने की कोशिश कर रहे थे। ईरान ने इस कार्रवाई को युद्धविराम का उल्लंघन और अमेरिका का एक लापरवाह सैन्य साहसिक कार्य बताया।
इसी बीच, अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने 10 व्यक्तियों और कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए हैं। इनमें से कुछ चीन और हांगकांग के हैं, जिन पर ईरान की सेना को ‘शाहिद’ ड्रोन के लिए सामग्री जुटाने में मदद करने का आरोप है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव Antonio Guterres ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताई है और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका ने ईरान को क्या प्रस्ताव दिया है
अमेरिका ने एक पन्ने का प्रस्ताव दिया है जिसमें यूरेनियम संवर्धन रोकने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों के सुरक्षित रास्ते के बदले प्रतिबंधों में ढील देने की बात कही गई है।
होर्मुज़ जलडमरूमध्य में क्या विवाद हुआ
8 मई 2026 को अमेरिकी सेना ने दो ईरानी तेल टैंकरों को रोका, जिसके बाद ईरान ने अमेरिका पर युद्धविराम तोड़ने का आरोप लगाया।