ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चर्चा में है। जहाँ ईरान के राष्ट्रपति ने भरोसा जताया है कि आपसी विश्वास की कमी के बावजूद अमेरिका के साथ बातचीत की जा सकती है, वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के हालिया जवाब को सिरे से खारिज कर दिया है। इस पूरे मामले में पाकिस्तान दोनों देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।

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ईरान ने बातचीत के लिए कौन से रास्ते बताए हैं?

ईरान के राष्ट्रपति ने अमेरिका के साथ बातचीत के लिए तीन अलग-अलग विकल्प सामने रखे हैं। उन्होंने कहा कि ईरान गरिमा के साथ बातचीत कर सकता है ताकि उसके राष्ट्रीय हितों की रक्षा हो सके। दूसरा विकल्प यह है कि स्थिति को ना युद्ध और ना शांति के बीच रखा जाए और तीसरा विकल्प युद्ध और बातचीत दोनों को साथ लेकर चलना है। राष्ट्रपति ने साफ किया कि वह पहले विकल्प यानी गरिमापूर्ण बातचीत को ज्यादा पसंद करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी समझौता ईरान के सर्वोच्च नेता की चिंताओं और देश के हितों को ध्यान में रखकर ही किया जाएगा।

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव को क्यों ठुकराया?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की तरफ से आए जवाब को स्वीकार करने से मना कर दिया है। ट्रंप का कहना है कि ईरान ने परमाणु हथियारों के मुद्दे पर अमेरिका की शर्तों को नहीं माना है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अमेरिकी योजना का मुख्य हिस्सा यह है कि ईरान के पास किसी भी तरह का परमाणु हथियार नहीं होना चाहिए लेकिन ईरान ने अपनी प्रतिक्रिया में इसकी कोई गारंटी नहीं दी है। ट्रंप ने इस स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच लगी युद्धविराम की संधि बहुत कमजोर है और अब इसके बचने की संभावना मात्र 1 प्रतिशत रह गई है।

सैन्य तैयारी और पाकिस्तान की भूमिका

इस तनाव के बीच पाकिस्तान एक दूत की तरह काम कर रहा है और दोनों देशों के बीच प्रस्तावों का लेन-देन करा रहा है। दूसरी तरफ ईरान की आंतरिक तैयारी भी तेज है। ईरान की مجلس الشورى (पार्लियामेंट) के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कालिबाफ ने ऐलान किया कि ईरानी सशस्त्र बल किसी भी बाहरी सैन्य खतरे का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका और ईरान के बीच मुख्य विवाद क्या है?

मुख्य विवाद परमाणु हथियारों को लेकर है। अमेरिका चाहता है कि ईरान पूरी तरह से प्रतिबद्ध हो कि वह परमाणु हथियार नहीं रखेगा लेकिन ईरान ने अभी तक इस पर कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया है।

दोनों देशों के बीच बातचीत में कौन मदद कर रहा है?

पाकिस्तान इस मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और अमेरिका व ईरान के बीच प्रस्तावों और संदेशों को पहुँचाने का काम कर रहा है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.