Iran और USA के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया है। New York में चल रही NPT Review Conference के दौरान दोनों देशों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एक तरफ Iran दावा कर रहा है कि उसका यूरेनियम पूरी तरह निगरानी में है, वहीं दूसरी तरफ IAEA और अमेरिका ने कुछ चौंकाने वाली बातें सामने रखी हैं।
ईरान और अमेरिका के बीच विवाद की मुख्य वजह क्या है?
- Iran के Mission to UN ने कहा कि उनका सारा समृद्ध यूरेनियम International Atomic Energy Agency (IAEA) की निगरानी में है और एक ग्राम भी कहीं और नहीं गया।
- Iran ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह NPT Review Conference का इस्तेमाल गलत तरीके से कर रहा है ताकि दुनिया का ध्यान अमेरिका की अपनी नाकामियों से हटा सके।
- इस कॉन्फ्रेंस में Iran को 34 उपाध्यक्षों (vice presidents) में से एक चुना गया, जिसे Non-Aligned Movement (NAM) ने सपोर्ट किया।
- अमेरिका के Assistant Secretary Christopher Yeaw ने इस फैसले को शर्मनाक बताया और कहा कि यह NPT के नियमों के खिलाफ है।
- Iran के राजदूत Reza Najafi ने अमेरिकी बयानों को आधारहीन और राजनीति से प्रेरित बताया।
IAEA ने ईरान के परमाणु स्टॉक के बारे में क्या बताया?
IAEA के डायरेक्टर जनरल Rafael Grossi ने 29 अप्रैल 2026 को कुछ अहम जानकारियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि Iran के पास 440.9 किलोग्राम ऐसा यूरेनियम है जिसकी शुद्धता 60% तक है। यह स्तर परमाणु हथियार बनाने के बहुत करीब माना जाता है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल यूरेनियम स्टॉक | 440.9 किलोग्राम (60% शुद्धता) |
| संभावित बम क्षमता | लगभग 10 परमाणु बम |
| Isfahan साइट की स्थिति | जून 2025 से निरीक्षण बंद |
| Isfahan में स्टोर यूरेनियम | लगभग 200 किलोग्राम (सुरंगों में) |
Grossi ने साफ किया कि Isfahan न्यूक्लियर कॉम्प्लेक्स में पिछले साल हवाई हमले हुए थे और जून 2025 के बाद से वहां IAEA के इंस्पेक्टर नहीं जा पाए हैं। इसलिए वे वहां मौजूद यूरेनियम और सील की स्थिति की पुष्टि नहीं कर सके हैं।
अमेरिका की मांग और मौजूदा स्थिति क्या है?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और उनके अधिकारियों का रुख बहुत सख्त है। अमेरिका की मांग है कि Iran को अपना यूरेनियम समृद्ध करने का प्रोग्राम पूरी तरह खत्म करना होगा और ‘जीरो एनरिचमेंट’ की स्थिति लानी होगी। अमेरिका चाहता है कि Iran लिखित में वादा करे कि वह कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा।
दूसरी तरफ, IRGC के मेजर जनरल Ahmad Vahidi जैसे कट्टरपंथी नेताओं के प्रभाव के कारण Iran के लिए बड़े समझौते करना मुश्किल लग रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आर्थिक दबाव और प्रतिबंधों के बावजूद Iran अपने रुख में नरमी नहीं लाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
IAEA के मुताबिक ईरान के पास कितना यूरेनियम है?
IAEA के अनुसार ईरान के पास 440.9 किलोग्राम यूरेनियम है जो 60% शुद्ध है। इसमें से करीब 200 किलोग्राम इस्फहान की सुरंगों में रखा बताया गया है।
Isfahan न्यूक्लियर कॉम्प्लेक्स को लेकर क्या समस्या है?
जून 2025 में हुए 12 दिनों के संघर्ष के बाद से IAEA के निरीक्षकों की वहां एंट्री बंद है, जिससे यूरेनियम की वास्तविक स्थिति का पता नहीं चल पा रहा है।