ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही बातचीत में कोई नतीजा नहीं निकला है। IAEA के चीफ राफेल ग्रॉसी ने साफ किया है कि यूरेनियम संवर्धन (enrichment) पर रोक कितनी लंबी होगी, यह पूरी तरह से एक राजनीतिक फैसला है। इसी बीच अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की पूरी तरह से नाकेबंदी कर दी है जिससे तनाव और बढ़ गया है।
अमेरिका और ईरान के बीच क्या विवाद है?
दोनों देशों के अधिकारियों के बीच इस बात पर सहमति नहीं बन पाई कि ईरान कितने समय तक यूरेनियम संवर्धन रोकेगा। अमेरिका ने प्रस्ताव दिया था कि ईरान कम से कम 20 साल तक इस काम को बंद रखे। इसके जवाब में ईरान ने केवल 5 साल का समय दिया था, जिसे अमेरिका ने स्वीकार नहीं किया। अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा कि वाशिंगटन ने अपनी लक्ष्मण रेखा तय कर दी है और अब फैसला ईरान को लेना है।
अमेरिका ने ईरान पर क्या पाबंदी लगाई?
अमेरिकी सेना ने 15 अप्रैल 2026 को ईरान के साथ होने वाले समुद्री व्यापार को पूरी तरह बंद कर दिया है। यह नाकेबंदी ओमान की खाड़ी से लागू की गई है, जिसमें 10,000 से ज्यादा अमेरिकी जवान तैनात किए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार शुरुआती 24 घंटों में कोई भी जहाज इस घेरे को पार नहीं कर सका। एक प्रतिबंधित जहाज Rich Starry को भी नाकाम कोशिश के बाद वापस लौटना पड़ा।
क्षेत्रीय तनाव और अन्य अपडेट क्या हैं?
- भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इजराइल के विदेश मंत्री गिदोन सार से मुलाकात कर पश्चिम एशिया के संकट पर चर्चा की।
- इजराइल और लेबनान ने वाशिंगटन में हुई बातचीत के बाद सीधे संवाद करने पर सहमति जताई है।
- ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन के प्रमुख मोहम्मद इसलामी ने पहले ही यूरेनियम संवर्धन पर किसी भी पाबंदी को खारिज कर दिया था।
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि ईरान डील करने के लिए उत्सुक है और युद्ध जल्द खत्म होगा।
