ईरान और अमेरिका के बीच तेल को लेकर जंग तेज हो गई है. अमेरिका ने ईरान पर नाकाबंदी लगाई जिसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान के तेल कुएं फट जाएंगे. अब ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर ग़ालिबाफ ने इस बयान पर तीखा तंज कसा है और अमेरिका की रणनीति को पूरी तरह फेल बताया है.
ट्रंप की भविष्यवाणी और ईरान का जवाब क्या है?
डोनाल्ड ट्रंप ने 26 अप्रैल 2026 को कहा था कि नाकाबंदी की वजह से ईरान के तेल कुएं 3 दिन के अंदर फट जाएंगे. इस पर ईरान के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने जवाब दिया कि तीन दिन बीत चुके हैं लेकिन एक भी कुआं नहीं फटा. उन्होंने यहां तक कह दिया कि अगर अमेरिका चाहे तो वह 30 दिनों तक ईरान की स्थिरता को लाइव देख सकता है. ग़ालिबाफ ने कहा कि अमेरिकी प्रशासन को बहुत बेकार सलाह दी जा रही है.
तेल की कीमतों पर क्या असर पड़ेगा?
ईरान का दावा है कि अमेरिका की इस नाकाबंदी वाली सोच की वजह से दुनिया भर में तेल की कीमतें बढ़ रही हैं. उन्होंने बताया कि इस वजह से तेल के दाम 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए और आगे चलकर यह 140 डॉलर तक जा सकते हैं. ईरान के मुताबिक अमेरिका ने अपने तेल के विकल्प खत्म कर लिए हैं और अब वह अपने रणनीतिक भंडार पर निर्भर है. आने वाली गर्मियों की छुट्टियों में अमेरिकी यात्राएं बढ़ने से वहां ईंधन के दाम और बढ़ सकते हैं.
ईरान के पास कौन से हथियार या कार्ड बचे हैं?
ग़ालिबाफ ने साफ किया कि अमेरिका के दबाव के बावजूद ईरान के पास अभी भी कई बड़े विकल्प मौजूद हैं. ईरान ने इन मुख्य रास्तों और साधनों का जिक्र किया है:
- होर्मुज जलडमरूमध्य: तेल शिपिंग का मुख्य रास्ता.
- बाब अल-मंडेब: एक और अहम समुद्री मार्ग.
- तेल पाइपलाइनें: जिनसे तेल की सप्लाई नियंत्रित की जा सकती है.
ईरान का कहना है कि असली समस्या किसी सिद्धांत में नहीं बल्कि उस मानसिकता में है जिससे अमेरिका फैसले ले रहा है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के तेल कुओं के बारे में क्या कहा था?
डोनाल्ड ट्रंप ने 26 अप्रैल 2026 को दावा किया था कि अमेरिकी नाकाबंदी के कारण ईरान के तेल कुएं 3 दिनों के भीतर फट जाएंगे या विस्फोट हो जाएंगे.
ईरान के अनुसार वैश्विक तेल की कीमतें कितनी बढ़ सकती हैं?
ईरान के स्पीकर के मुताबिक अमेरिकी दबाव और नाकाबंदी की वजह से तेल की कीमतें 120 डॉलर तक पहुंच गई हैं और भविष्य में 140 डॉलर तक जा सकती हैं.