ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने साफ़ कर दिया है कि दोनों देशों के बीच राजनयिक बातचीत के लिए पाकिस्तान ही इकलौता आधिकारिक मध्यस्थ है। हालांकि, अमेरिका की कुछ हालिया हरकतों की वजह से ईरान फिलहाल अगली बातचीत में शामिल होने के मूड में नहीं दिख रहा है।

ℹ: West Bank News: स्कूली बच्चों ने किया प्रदर्शन, इसराइली सैनिकों ने रोका रास्ता, सड़क पर बैठकर पढ़ना पड़ रहा स्कूल

बातचीत में क्या रुकावटें आ रही हैं?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने बताया कि अमेरिका ने युद्धविराम की शर्तों का उल्लंघन किया है। उन्होंने अमेरिका पर ईरान के जहाजों की नाकाबंदी करने और आक्रामक व्यवहार करने का आरोप लगाया। इसी वजह से ईरान ने साफ़ कहा है कि उनके पास फिलहाल अमेरिका के साथ अगली मीटिंग में शामिल होने की कोई योजना नहीं है। हालांकि, ईरान ने यह भी कहा कि वह पाकिस्तान के ज़रिये अपनी बात अमेरिका तक पहुँचा रहा है और यूरेनियम संवर्धन पर चर्चा के लिए तैयार है लेकिन अपना हक नहीं छोड़ेगा।

पाकिस्तान और अमेरिका का इस पर क्या कहना है?

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने इस विवाद को सुलझाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। उधर, व्हाइट हाउस की प्रवक्ता Caroline Leavitt ने भी पाकिस्तान को इकलौता मध्यस्थ माना है और इस्लामाबाद को अगली बातचीत के लिए एक संभावित जगह बताया है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने घोषणा की कि उनके प्रतिनिधि बातचीत के लिए इस्लामाबाद जा रहे हैं, लेकिन साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर डील नहीं मानी गई तो हमले भी हो सकते हैं।

ईरान-अमेरिका विवाद के मुख्य अपडेट

मुख्य बिंदु विवरण
मध्यस्थ देश पाकिस्तान (Sole Mediator)
ईरान का रुख नाकाबंदी और शर्तों के उल्लंघन के कारण बातचीत से दूरी
अमेरिका का कदम प्रतिनिधियों को इस्लामाबाद भेजना और चेतावनी देना
पिछली बातचीत 11 और 12 अप्रैल को इस्लामाबाद में हुई, लेकिन कोई समझौता नहीं हुआ
बड़ा विवाद यूरेनियम संवर्धन और जहाजों की नाकाबंदी
डेडलाइन युद्धविराम की समय सीमा 22 अप्रैल तक है
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.