अमेरिका और ईरान के बीच एक बड़े शांति समझौते की चर्चा तेज़ हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे एक बड़ा समझौता बताया है, जबकि ईरान ने मीडिया को इस बारे में अटकलें लगाने से मना किया है। इस डील को लेकर दोनों देशों की बातें अलग-अलग हैं, जिससे तनाव और सस्पेंस दोनों बढ़ गए हैं।

क्या है यह समझौता और ईरान का क्या कहना है

ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने जानकारी दी कि ‘इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ लगभग तैयार है। उन्होंने मीडिया से अपील की है कि वे इस समझौते की शर्तों को लेकर अंदाज़े न लगाएं। ईरान का कहना है कि जब पूरी प्रक्रिया खत्म हो जाएगी, तब आधिकारिक तौर पर इसकी जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।

ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA के मुताबिक, समझौते में परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत के लिए 60 दिनों के युद्धविराम का प्रस्ताव हो सकता है। हालांकि, ईरान ने यह साफ कर दिया है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अपना नियंत्रण किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेगा।

डोनाल्ड ट्रंप के दावे और अमेरिका की शर्तें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ एक ‘शानदार समझौता’ हो गया है। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले कुछ दिनों में यूरोप में इस समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। ट्रंप के अनुसार, इस डील में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ईरान परमाणु हथियार हासिल न कर सके और होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोला जाए।

अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस डील के तहत ईरान को अपना परमाणु कार्यक्रम खत्म करना होगा, परमाणु सामग्री हटानी होगी और आतंकी संगठनों को दी जाने वाली फंडिंग बंद करनी होगी। ईरान को आर्थिक राहत तभी मिलेगी जब वह इन शर्तों को पूरा करेगा।

जमीन पर तनाव और ड्रोन हमले

शांति की बातों के बीच दोनों देशों के बीच तनाव भी जारी है। हाल ही में अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के दो ड्रोन मार गिराए हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर गलत जानकारियां लीक करने का आरोप लगाया और उनके व्यवहार को गलत बताया।

समझौते में क्या-क्या शामिल हो सकता है

  • ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों को हटाना।
  • ईरान के फ्रीज किए गए अरबों डॉलर वापस करना।
  • दोनों देशों के बीच शत्रुता को खत्म करना।
  • परमाणु मुद्दों पर बाद में विस्तार से चर्चा करना।