अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव को कम करने के लिए एक बड़ी कोशिश हुई है। ओमान के विदेश मंत्री Bader Al-Busaidi और ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi के बीच फोन पर बातचीत हुई। इस बातचीत का मुख्य मकसद वाशिंगटन और तेहरान के बीच परमाणु समझौते और अन्य पुराने विवादों पर सहमति बनाना था।

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ओमान और ईरान के बीच क्या चर्चा हुई?

3 मई 2026 को ओमान के विदेश मंत्री Bader Al-Busaidi और ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने फोन पर बात की। इस कॉल में अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु फाइल और अन्य पुराने मुद्दों को सुलझाने के तरीकों पर चर्चा हुई। इस बातचीत से यह बात सामने आई कि तनाव के बावजूद दोनों देशों के बीच बातचीत का रास्ता अभी भी खुला है और ओमान इसमें मदद कर रहा है।

ईरान ने अमेरिका के सामने रखी ये 14 शर्तें

ईरान ने अमेरिका को शांति के लिए 14 पॉइंट का एक नया प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव में ईरान ने अपनी कई मांगें रखी हैं, जो इस प्रकार हैं:

  • हमला न करने की लिखित गारंटी दी जाए।
  • क्षेत्र से अमेरिकी सेना को पूरी तरह हटाया जाए।
  • समुद्री नाकाबंदी को खत्म किया जाए।
  • ईरान की जमी हुई संपत्ति वापस की जाए।
  • ईरान पर लगे सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाए जाएं।
  • लेबनान में इसराइल के ऑपरेशंस और सभी मोर्चों पर लड़ाई बंद हो।

हैरानी की बात यह है कि ईरान ने इस 14 पॉइंट की लिस्ट में अपने परमाणु कार्यक्रम या यूरेनियम के बारे में कोई जिक्र नहीं किया है। इससे लगता है कि ईरान इन परमाणु मुद्दों पर बातचीत बाद के चरण में करना चाहता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने अमेरिका से क्या मुख्य मांग की है?

ईरान ने अमेरिकी सेना की वापसी, प्रतिबंध हटाने और अपनी जमी हुई संपत्ति वापस करने समेत 14 मुख्य शर्तें रखी हैं।

इस बातचीत में ओमान की क्या भूमिका है?

ओमान के विदेश मंत्री Bader Al-Busaidi अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत शुरू करवाने और आपसी समझ बनाने में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं।