ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव अब शांति की तरफ बढ़ सकता है. इन दोनों देशों के बीच युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका ने एक प्रस्ताव भेजा है और पाकिस्तान इसमें मध्यस्थता का काम कर रहा है. ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने जानकारी दी कि तेहरान इस प्रस्ताव की आधिकारिक समीक्षा कर रहा है और जल्द ही अपना जवाब भेजेगा.
शांति प्रस्ताव में क्या बातें शामिल हैं और ईरान की शर्तें क्या हैं?
अमेरिकी प्रस्ताव में होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) को खोलने, प्रतिबंधों में राहत देने और आगे की बातचीत के लिए एक रोडमैप तैयार करने की बात कही गई है. वहीं ईरान ने अपनी मांगों के लिए 14 पॉइंट का एक प्रस्ताव रखा है. ईरान की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- अमेरिका ईरान पर लगे सभी प्रतिबंध हटाए.
- ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी को खत्म किया जाए.
- क्षेत्र से अमेरिकी सेना को पूरी तरह वापस बुलाया जाए.
- लेबनान में इसराइली सैन्य ऑपरेशन तुरंत बंद हों.
ईरान चाहता है कि यह समझौता सिर्फ युद्धविराम तक सीमित न रहे बल्कि युद्ध को पूरी तरह खत्म करे. इस बीच 1 मई को अमेरिका के Treasury Office ने चेतावनी दी थी कि जो शिपिंग कंपनियां होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए ईरान को टोल या दान देंगी उन पर प्रतिबंध लगाया जाएगा.
Donald Trump की चेतावनी और पाकिस्तान की भूमिका क्या है?
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने बातचीत में प्रगति का दावा करते हुए जहाजों को रास्ता देने वाले अपने मिशन ‘Project Freedom’ को फिलहाल रोक दिया है. हालांकि उन्होंने यह सख्त चेतावनी भी दी है कि अगर ईरान डील पर सहमत नहीं हुआ तो अमेरिका युद्धविराम से पहले की तुलना में कई गुना ज्यादा तीव्र और बड़े स्तर की बमबारी फिर से शुरू करेगा. इस पूरी प्रक्रिया में Pakistan एक अहम कड़ी बना हुआ है. पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख और प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत के लिए काफी प्रयास किए हैं. इसके अलावा Oman भी ईरान के साथ मिलकर इस बात पर चर्चा कर रहा है कि जहाजों की सुरक्षित आवाजाही कैसे सुनिश्चित की जाए.
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान अमेरिका के प्रस्ताव पर अपना जवाब कब तक देगा?
रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान के जवाब का इंतजार 48 घंटों के भीतर किया जा रहा है ताकि तनाव को कम किया जा सके और परमाणु वार्ता का रास्ता खुल सके.
होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) को लेकर क्या विवाद है?
ईरान इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों के लिए शुल्क लेने का प्रस्ताव दे रहा है जबकि अमेरिका ने ऐसी कंपनियों को प्रतिबंधों की चेतावनी दी है जो ईरान को भुगतान करेंगे.