ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध को खत्म करने की कोशिशें तेज हो गई हैं, लेकिन दोनों देशों की शर्तों में बड़ा अंतर दिख रहा है। ईरान ने शांति के लिए एक नया 14 सूत्रीय प्रस्ताव भेजा है, जिसे अमेरिका ने फिलहाल स्वीकार नहीं किया है। इस बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हुए हमलों ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है और तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है।

ईरान की शांति योजना और अमेरिका की नाराजगी के कारण

ईरान ने पाकिस्तान के जरिए वाशिंगटन को एक बहु-स्तरीय प्रस्ताव भेजा है। इस योजना का मुख्य मकसद युद्ध को पूरी तरह खत्म करना है, खासकर लेबनान जैसे इलाकों में शांति लाना। ईरान की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:

  • ईरान के आसपास से अमेरिकी सेना की पूरी तरह वापसी हो।
  • ईरान पर लगे सभी प्रतिबंध हटाए जाएं और जब्त की गई संपत्ति वापस मिले।
  • भविष्य में किसी भी हमले के खिलाफ ठोस गारंटी दी जाए।
  • युद्ध के दौरान हुए नुकसान की भरपाई (क्षतिपूर्ति) की जाए।

दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस प्रस्ताव पर असंतोष जताया है। ट्रंप का कहना है कि अमेरिका किसी भी ऐसे समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करेगा, जिसमें ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकने की ठोस गारंटी न हो। अमेरिका का मुख्य मुद्दा ईरान का परमाणु कार्यक्रम है, जबकि ईरान का कहना है कि उसका कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है।

होर्मुज जलडमरूमध्य में हमला और ताजा हालात

शांति वार्ता के बीच समुद्र में तनाव बढ़ गया है। 3 मई 2026 को रविवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में कुछ ही घंटों के भीतर दो जहाजों पर हमला हुआ। ब्रिटिश सैन्य एजेंसी UKMTO के मुताबिक, संयुक्त अरब अमीरात के फुजैरा तट के पास एक तेल टैंकर पर अज्ञात प्रक्षेप्य (projectile) से हमला किया गया।

इस संघर्ष के संदर्भ में कुछ अहम बातें नीचे दी गई हैं:

  • 28 फरवरी को हुए हमलों के बाद 8 अप्रैल को युद्धविराम लागू हुआ था, लेकिन इससे स्थायी शांति नहीं आई।
  • ईरान ने परमाणु मुद्दे पर 15 साल तक यूरेनियम संवर्धन रोकने के विचार पर चर्चा करने की पेशकश की है।
  • अमेरिका ने अपने मध्य पूर्वी सहयोगियों के लिए करीब 9 अरब डॉलर का सैन्य सहायता पैकेज मंजूर किया है।
  • ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने साफ कहा है कि अब कूटनीति या टकराव का रास्ता चुनना अमेरिका के हाथ में है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में मध्यस्थ कौन है

ईरान और अमेरिका के बीच संदेशों का आदान-प्रदान मुख्य रूप से पाकिस्तान के माध्यम से हो रहा है। इसके अलावा ओमान और जर्मनी भी इस प्रक्रिया में शामिल रहे हैं।

ईरान के 14 सूत्रीय प्रस्ताव में परमाणु मुद्दे पर क्या कहा गया है

ईरान की योजना मुख्य रूप से युद्ध समाप्त करने पर केंद्रित है। हालांकि, दबाव कम करने के लिए ईरान ने 15 साल तक यूरेनियम संवर्धन रोकने के विचार पर चर्चा करने की पेशकश की है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.