ईरान और अमेरिका के बीच चल रही तनातनी में एक बड़ा मोड़ आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर होने वाले एक बड़े सैन्य हमले को रोक दिया है। अब दोनों देशों के बीच शांति समझौते की बात चल रही है और ईरान के बड़े नेता इसके समर्थन में आए हैं। यह खबर मध्य पूर्व के देशों के लिए बहुत अहम है।
ईरान ने अमेरिका के सामने क्या शर्तें रखी हैं?
ईरान ने अमेरिका को अपना नया शांति प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव में ईरान ने कुछ मुख्य मांगें रखी हैं ताकि मामला सुलझ सके। मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- युद्ध से हुए नुकसान के लिए हर्जाना दिया जाए।
- ईरान के पास मौजूद अमेरिकी सेना को वहां से हटाया जाए।
- ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को पूरी तरह खत्म किया जाए।
- ईरान की जमा पूंजी वापस की जाए और व्यापार पर लगी पाबंदियां हटाई जाएं।
- लेबनान जैसे इलाकों में चल रही लड़ाई को बंद किया जाए।
डोनाल्ड ट्रंप ने सैन्य हमला क्यों रोका?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को होने वाले हमले को रद्द करने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच इस समय बहुत गंभीर बातचीत चल रही है और एक पक्का समझौता होने की उम्मीद है। ट्रंप ने यह भी कहा कि खाड़ी देशों के सहयोगियों ने उनसे अपील की थी कि बातचीत का रास्ता खुला रखा जाए और कूटनीति के जरिए समाधान निकाला जाए।
क्या खतरा पूरी तरह टल गया है?
भले ही समझौते की बात चल रही है, लेकिन अभी भी स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने अपनी सेना को नए आदेश दिए हैं ताकि किसी भी दुश्मन के खतरे पर पहले से कार्रवाई की जा सके। वहीं, ईरान के कुछ अधिकारियों को शक है कि ट्रंप का हमला रोकना केवल एक चाल हो सकती है। इसके अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का रास्ता बंद होने और अमेरिकी नाकाबंदी के कारण तनाव अभी भी बना हुआ है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमला क्यों नहीं किया?
ट्रंप ने बताया कि गंभीर बातचीत चल रही है और खाड़ी देशों ने भी बातचीत जारी रखने का अनुरोध किया था, इसलिए हमला रद्द किया गया।
ईरान ने शांति समझौते के लिए क्या मांग की है?
ईरान ने आर्थिक प्रतिबंध हटाने, अपनी जमा संपत्ति वापस पाने और अमेरिकी सेना को अपनी सीमाओं से दूर करने की मांग की है।
