अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध रोकने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन ईरान के भीतर हालात काफी तनावपूर्ण हैं। एक तरफ जहाँ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सैन्य अभियान को अस्थायी रूप से रोका है, वहीं दूसरी तरफ तेहरान की जनता अपनी सरकार से बेहद नाराज है। इस पूरे घटनाक्रम का सीधा असर वैश्विक बाजार पर पड़ा है और तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।

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ईरान के भीतर क्या चल रहा है और जनता क्यों है नाराज?

तेहरान में पिछले 66 दिनों से लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। यहाँ के आम नागरिक अमेरिका और इज़राइल के संभावित खतरों के खिलाफ एकजुटता दिखा रहे हैं, लेकिन साथ ही वे अपने शासन से भी दुखी हैं। तेहरान की निवासी Azadeh नाम की एक महिला ने बताया कि लोगों ने बहुत दर्द और तकलीफें झेली हैं। उनके मुताबिक, आम जनता अब चाहती है कि यह शासन खत्म हो क्योंकि उन पर मानसिक दबाव बहुत ज्यादा है। नागरिकों में मौजूदा सरकार के साथ किसी भी तरह के समझौते को लेकर डर और गुस्सा साफ दिखाई दे रहा है।

अमेरिका का सैन्य फैसला और तेल बाजार का हाल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रोजेक्ट फ्रीडम नामक सैन्य अभियान को कुछ समय के लिए रोक दिया है। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित करना था। पाकिस्तान और कुछ अन्य देशों के अनुरोध के बाद यह फैसला लिया गया। हालांकि, अमेरिका ने यह साफ कर दिया है कि ईरान पर नौसैनिक दबाव और नाकेबंदी जारी रहेगी। इस खबर के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में लगभग 9% की गिरावट आई और ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई।

शांति प्रस्ताव और ईरान सरकार के अंदर की लड़ाई

युद्ध को स्थायी रूप से खत्म करने के लिए ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका को 14 सूत्रीय शांति प्रस्ताव भेजा है। डोनाल्ड ट्रंप इस पर विचार कर रहे हैं, लेकिन यूरेनियम संवर्धन के मुद्दे पर वे अभी भी सख्त हैं। दूसरी तरफ, ईरान के नेतृत्व में आंतरिक कलह चल रही है। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और संसद स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबफ विदेश मंत्री अब्बास अराघची को पद से हटाने पर विचार कर रहे हैं। उन पर आरोप है कि वे राष्ट्रपति के बजाय रिवोल्यूशनरी गार्ड के निर्देशों का पालन कर रहे हैं। इसी बीच, UAE ने ईरान पर नए मिसाइल और ड्रोन हमलों का आरोप लगाया है, जिससे वहां रक्षा प्रणालियां सक्रिय हो गईं और धमाकों की आवाजें सुनी गईं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

डोनाल्ड ट्रंप ने सैन्य अभियान को क्यों रोका?

राष्ट्रपति ट्रंप ने पाकिस्तान और अन्य देशों के अनुरोध पर ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को अस्थायी रूप से रोका है, जिसका मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा था।

ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता की क्या स्थिति है?

ईरान ने पाकिस्तान के जरिए 14 सूत्रीय शांति प्रस्ताव भेजा है, लेकिन यूरेनियम संवर्धन के अधिकार को लेकर ट्रंप और ईरान के बीच असहमति बनी हुई है।

तेल की कीमतों पर इस घटनाक्रम का क्या असर हुआ?

सैन्य अभियान रोकने की खबर के बाद वैश्विक तेल कीमतों में लगभग 9% की गिरावट आई और ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.