दुनिया के सबसे अहम तेल और गैस रास्तों में से एक Strait of Hormuz अब बंद हो गया है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ती लड़ाई की वजह से यहाँ तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। दोनों देशों ने एक-दूसरे के रास्तों को रोकने के लिए नाकेबंदी कर रखी है जिससे पूरी दुनिया में खलबली मची है।

क्यों बंद हुआ Strait of Hormuz और ईरान का क्या कहना है?

ईरान के Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने कहा है कि इस रास्ते पर नियंत्रण रखना अमेरिका के खिलाफ उनकी एक बड़ी रणनीति है। 18 अप्रैल 2026 को IRGC ने इस मार्ग को फिर से बंद करने का ऐलान किया। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका उनके बंदरगाहों की नाकेबंदी खत्म नहीं करेगा तब तक यह रास्ता नहीं खुलेगा। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने चेतावनी दी है कि अगर इस रास्ते की सुरक्षा को खतरा हुआ तो वैश्विक व्यापार पर इसके बहुत बड़े और बुरे परिणाम होंगे।

अमेरिका और ईरान के बीच नाकेबंदी को लेकर क्या विवाद है?

  • 13 अप्रैल 2026 को अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी शुरू की।
  • US Central Command ने चेतावनी दी कि बिना अनुमति के इस क्षेत्र में आने या जाने वाले जहाजों को रोका या जब्त किया जा सकता है।
  • 22 अप्रैल को ईरान की नौसेना ने दो कंटेनर जहाजों को जब्त कर लिया।
  • अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने पुष्टि की है कि ईरानी तेल की खरीद पर मिलने वाली छूट को अब आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।

जहाजों और व्यापार पर इसका क्या असर पड़ रहा है?

US Central Command के मुताबिक अमेरिकी बलों ने अब तक 37 जहाजों का रास्ता बदला है और अरब सागर में सेवान नाम के जहाज को रोका है। 1 मार्च 2026 से ही यहाँ जहाजों की भीड़ बढ़ती दिख रही है क्योंकि कई जहाज सुरक्षा कारणों से इस रास्ते से जाने से बच रहे हैं। फिलहाल यह रास्ता प्रभावी रूप से बंद है और यहाँ से शिपिंग बहुत सीमित हो गई है। ईरानी सेना ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका अपनी नाकेबंदी जारी रखता है तो तेहरान इसका कड़ा जवाब देगा।