हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव बहुत बढ़ गया है। ईरान और अमेरिका एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं जिससे दुनिया भर के व्यापार और तेल की सप्लाई पर खतरा मंडरा रहा है। इस बीच ईरान ने UAE पर ड्रोन और मिसाइल हमले करके माहौल को और खराब कर दिया है।
ईरान और अमेरिका के बीच क्या विवाद चल रहा है?
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहबी ने कहा कि हाल के घंटों में कोई भी कमर्शियल जहाज इस रास्ते से नहीं गुजरा है। उन्होंने अमेरिका के दावों को पूरी तरह झूठ बताया। दूसरी तरफ अमेरिका के CENTCOM ने कहा कि उनके ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ के तहत दो अमेरिकी जहाज और नेवी के युद्धपोत सफलतापूर्वक इस रास्ते से निकले हैं। ईरान ने साफ किया है कि जो जहाज उनके नियमों का पालन नहीं करेंगे उन्हें जबरदस्ती रोका जाएगा।
जहाजों और नाविकों पर क्या असर पड़ा है?
इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO) की रिपोर्ट के अनुसार करीब 20,000 नाविक और सैकड़ों जहाज इस विवाद की वजह से फंसे हुए हैं। BIMCO जैसी संस्थाओं ने कहा है कि बिना ईरान की सहमति के अमेरिका का यह प्लान काम नहीं करेगा। वर्तमान में सुरक्षा खतरा बहुत ज्यादा है इसलिए जहाजों को ओमान के समुद्री रास्ते का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।
UAE और अन्य देशों की क्या स्थिति है?
4 मई 2026 को ईरान ने UAE पर ड्रोन और मिसाइल हमला किया जिससे वहां की एक तेल फैसिलिटी को नुकसान पहुंचा है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन ने अमेरिका और ईरान दोनों से मिलकर रास्ता खोलने की अपील की है। उन्होंने साफ किया कि फ्रांस अमेरिका के सैन्य ऑपरेशन में शामिल नहीं होगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
प्रोजेक्ट फ्रीडम क्या है?
यह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शुरू किया गया एक ऑपरेशन है। इसका मकसद हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में फंसे सैकड़ों जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालना है।
ईरान ने क्या चेतावनी दी है?
ईरान की IRGC ने कहा है कि बिना उनके प्रोटोकॉल और तय रास्तों के गुजरने वाले जहाजों को बलपूर्वक रोका जाएगा। साथ ही उन्होंने अमेरिकी सेना के घुसने पर हमले की धमकी दी है।