ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. Strait of Hormuz में अमेरिकी जहाजों और ईरान की IRGC Navy के बीच टकराव की खबरें आई हैं. ईरान का दावा है कि उसके चेतावनी देने के बाद अमेरिकी जहाज वहां से भाग गए, जबकि अमेरिका ने इसे एक सामान्य मिशन बताया है. यह पूरा मामला उस समय सामने आया जब दोनों देशों के बीच पाकिस्तान में चल रही शांति वार्ता विफल हो गई.

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ईरान का दावा क्या है?

IRNA और अन्य ईरानी मीडिया के मुताबिक, IRGC Navy ने Strait of Hormuz पर अपना पूरा कंट्रोल जताया है. ईरान ने कहा कि उसने एक अमेरिकी destroyer को 30 मिनट की चेतावनी दी थी और धमकी दी थी कि अगर जहाज पीछे नहीं हटा तो उस पर हमला किया जाएगा. ईरान का कहना है कि यह चेतावनी पाकिस्तानी बिचौलियों के जरिए दी गई थी, जिसके बाद अमेरिकी जहाज वापस लौट गया. ईरान ने साफ किया कि इस रास्ते से केवल गैर-सैन्य जहाजों को ही आने की अनुमति है.

अमेरिका ने इस घटना पर क्या कहा?

दूसरी तरफ US Central Command (CENTCOM) ने इन दावों को गलत बताया है. अमेरिका के मुताबिक USS Frank E Peterson और USS Michael Murphy नाम के दो destroyer वहां से बिना किसी रुकावट के गुजरे. अमेरिकी अधिकारियों ने इसे freedom-of-navigation मिशन बताया. उनके मुताबिक वे समुद्र में बिछाई गई बारूदी सुरंगों (mines) को हटा रहे थे ताकि जहाजों के लिए एक नया रास्ता बनाया जा सके. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा कि अमेरिका इस रास्ते को साफ करने का काम कर रहा है.

घटना की मुख्य बातें

विवरण जानकारी
तारीख 11-12 अप्रैल 2026
स्थान Strait of Hormuz
अमेरिकी जहाज USS Frank E Peterson और USS Michael Murphy
ईरानी सैन्य बल IRGC Navy
बातचीत का स्थान इस्लामाबाद, पाकिस्तान
युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी 2026
विवाद का कारण Strait of Hormuz का नियंत्रण