ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच एक बड़ी खबर आई है। ईरान ने प्रस्ताव दिया है कि अगर दोनों देशों के बीच समझौता हो जाता है और टकराव टल जाता है, तो Strait of Hormuz के ओमान वाले हिस्से से गुजरने वाले जहाजों को बिना किसी हमले के सुरक्षित रास्ता दिया जाएगा। इस कदम से दुनिया भर में ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार को बड़ी राहत मिल सकती है।
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ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत का क्या अपडेट है?
दोनों देशों के बीच दूसरे दौर की बातचीत जल्द शुरू हो सकती है, जिसके लिए पाकिस्तान ने मध्यस्थता की पेशकश की है। यह बैठक इस्लामाबाद में होने की संभावना है। फिलहाल दोनों देश युद्धविराम को दो हफ्ते बढ़ाने पर सैद्धांतिक रूप से सहमत होने के करीब हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ युद्ध खत्म होने के करीब है और अगले एक-दो दिनों में बातचीत हो सकती है।
भारतीय जहाजों और अन्य देशों के लिए क्या इंतजाम हैं?
ईरान ने भारत सहित चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान के जहाजों के लिए एक सुरक्षित गलियारा बनाया है। इससे भारतीय मालवाहक जहाजों को बिना किसी टोल और खतरे के मार्ग से गुजरने की अनुमति मिल रही है। ओमान की समुद्री सीमा के भीतर एक नया सुरक्षित मार्ग खोजा गया है, जिससे अब तक चार बड़े जहाजों ने यात्रा कर ली है। भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फताली ने पुष्टि की है कि आपसी विश्वास के आधार पर भारतीय जहाजों को यह सुरक्षा दी जाएगी।
| देश/संगठन | वर्तमान भूमिका और स्थिति |
|---|---|
| पाकिस्तान | मध्यस्थता की पेशकश और युद्धविराम बढ़ाने का प्रस्ताव |
| भारत | जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग की सुविधा प्राप्त |
| अमेरिका | ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी लागू की |
| ओमान | क्षेत्रीय जल में नया सुरक्षित मार्ग उपलब्ध |
| चीन और रूस | ईरान द्वारा सुरक्षित मार्ग की सुविधा दी गई |
| संयुक्त राष्ट्र | वार्ता फिर से शुरू होने की प्रबल संभावना जताई |
अगर समझौता नहीं हुआ तो क्या खतरा है?
अमेरिका ने फिलहाल ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर रखी है। ईरान के संयुक्त सैन्य कमांडर ने चेतावनी दी है कि यदि यह नाकेबंदी जारी रहती है, तो ईरान फारस की खाड़ी, ओमान सागर और लाल सागर में सभी आयात-निर्यात रोक सकता है। अभी बातचीत के मुख्य मुद्दे ईरान का परमाणु कार्यक्रम और युद्ध के नुकसान का मुआवजा हैं, जिस पर दोनों देशों की राय अलग है।
