Strait of Hormuz को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बहुत बढ़ गया है। ईरान ने इस अहम समुद्री रास्ते पर अपना कंट्रोल बढ़ाने के लिए नए नियम लागू किए हैं, वहीं अमेरिका ने जहाजों की नाकेबंदी का आदेश दिया है। इस खींचतान के बीच भारत के जहाजों की सुरक्षा को लेकर भी महत्वपूर्ण अपडेट सामने आई है।

ईरान के नए नियम और अमेरिका की नाकेबंदी

ईरान ने साफ कर दिया है कि वह इस समुद्री रास्ते की सुरक्षा अपनी शर्तों पर करेगा। IRGC ने जहाजों के लिए एक नया रास्ता तय किया है जो ईरान के तट के ज्यादा करीब होगा। ईरान अब जहाजों पर ट्रांजिट फीस और टैरिफ लगाने की योजना बना रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रति जहाज 2 मिलियन डॉलर का शुल्क लिया जाएगा और एक दिन में सिर्फ 10 जहाजों को ही गुजरने की अनुमति मिलेगी। दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन जहाजों की तत्काल नाकेबंदी का आदेश दिया है जो ईरान को शुल्क का भुगतान कर रहे हैं।

भारतीय जहाजों की स्थिति और सुरक्षा

भारत इस पूरे मामले पर बारीकी से नज़र रख रहा है। राहत की बात यह है कि भारत में ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फथाली ने स्पष्ट किया है कि भारतीय जहाजों से कोई टोल टैक्स नहीं लिया गया है और उन्हें सुरक्षित रास्ता मिलता रहेगा। वर्तमान में 15 भारतीय-ध्वजांकित और भारतीय स्वामित्व वाले जहाज इस क्षेत्र में हैं। भारतीय बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय उनकी सुरक्षित वापसी के प्रयास कर रहा है। एक भारतीय एलपीजी टैंकर ‘जग विक्रम’ 11 अप्रैल को यह रास्ता पार कर चुका है और जल्द ही कांडला पहुंचने की उम्मीद है।

पिछले कुछ दिनों के मुख्य घटनाक्रम

तारीख मुख्य घटना
12 अप्रैल 2026 पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान की शांति वार्ता बिना किसी समझौते के खत्म हुई।
13 अप्रैल 2026 डोनाल्ड ट्रंप ने जहाजों की नाकेबंदी का आदेश दिया और अमेरिकी सेना ने बारूदी सुरंग हटाने का अभियान शुरू किया।
14 अप्रैल 2026 चीन ने अमेरिका को हस्तक्षेप न करने की चेतावनी दी। दो तेल टैंकरों को नाकेबंदी के कारण वापस लौटना पड़ा।
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com