Iran-USA Tension: हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में फिर बढ़ा तनाव, ईरान ने पकड़े दो जहाज, शिपिंग पर पड़ा बुरा असर
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में ईरान ने फिर से जहाजों पर हमले शुरू कर दिए हैं और दो बड़े कंटेनर जहाजों को जब्त कर लिया है। इस वजह से दुनिया भर में तेल की सप्लाई और समुद्री व्यापार पर बहुत बुरा असर पड़ा है।
क्या है पूरा मामला और किन जहाजों को पकड़ा गया?
22 अप्रैल 2026 को ईरान ने MSC Francesca और Epaminondas नाम के दो कंटेनर जहाजों को जब्त कर लिया। ईरान का दावा है कि इन जहाजों ने समुद्री नियमों का उल्लंघन किया था। इससे पहले 20 अप्रैल को अल जज़ीरा ने खबर दी थी कि ईरान हालिया कदमों को गंभीर मानता है और जवाबी कार्रवाई कर सकता है। IRGC ने समुद्र में माइन भी बिछाए हैं जिससे जहाजों का रास्ता और भी खतरनाक हो गया है।
अमेरिका और UN का इस स्थिति पर क्या कहना है?
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने 22 अप्रैल को युद्धविराम (ceasefire) को अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया ताकि बातचीत के लिए समय मिल सके। हालांकि, अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रखी है। UN महासचिव ने इस फैसले का स्वागत किया और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की। 24 अप्रैल को राष्ट्रपति ट्रंप ने स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर को पाकिस्तान भेजा ताकि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ बातचीत की जा सके।
आम आदमी और ग्लोबल शिपिंग पर क्या असर पड़ा?
इस विवाद की वजह से हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य लगभग बंद हो गया है। पहले यहाँ महीने में करीब 3,000 जहाज गुजरते थे, लेकिन अब यह संख्या घटकर सिर्फ 5% रह गई है। इसका सीधा असर ईंधन के दामों पर पड़ा है जिससे दुनिया भर में कीमतें बढ़ गई हैं। हजारों नाविक इस अनिश्चितता के बीच समुद्र में फंसे हुए हैं। अमेरिका ने तेल और गैस की सप्लाई को आसान बनाने के लिए Jones Act छूट को 90 दिनों के लिए बढ़ा दिया है।