ईरान और अमेरिका के बीच चल रही खींचतान अब एक नए मोड़ पर आ गई है। अमेरिका ने युद्धविराम तो बढ़ा दिया है, लेकिन बंदरगाहों की नाकाबंदी हटाने से साफ़ मना कर दिया है। अब पूरी दुनिया की नज़र इस बात पर है कि क्या इस्लामाबाद में होने वाली बातचीत शुरू हो पाएगी या तनाव और बढ़ेगा।

ईरान ने बातचीत के लिए क्या शर्त रखी है?

संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत Amir-Saeed Iravani ने साफ़ कहा कि तेहरान बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए एक बड़ी शर्त है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को सबसे पहले अपनी नौसैनिक नाकाबंदी खत्म करनी होगी। इरावानी के मुताबिक, Strait of Hormuz और ईरानी बंदरगाहों पर लगी रोक को हटाना ज़रूरी है। जैसे ही यह नाकाबंदी हटेगी, वार्ता का अगला दौर Islamabad में शुरू होगा।

अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र का इस पर क्या कहना है?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने पाकिस्तान के अनुरोध पर ईरान के साथ युद्धविराम को अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ़ कर दिया कि अमेरिकी सेना ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी रखेगी। वहीं, संयुक्त राष्ट्र महासचिव Antonio Guterres ने युद्धविराम बढ़ने का स्वागत किया और इसे तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

पिछले 24 घंटों में क्या बड़े बदलाव हुए?

  • अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance की पाकिस्तान यात्रा फिलहाल टाल दी गई है।
  • अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ईरान के ड्रोन और मिसाइल प्रोग्राम में मदद करने वाली कंपनियों और लोगों पर नए प्रतिबंध लगा दिए हैं।
  • पाकिस्तानी सूचना मंत्री Attaullah Tarar ने बताया कि ईरान की तरफ से बातचीत में शामिल होने का कोई औपचारिक जवाब अभी नहीं आया है।
  • अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने कहा कि नाकाबंदी ईरान की कमाई के मुख्य रास्तों को रोकने के लिए की गई है।
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.