Iran-USA Talks: इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका की बड़ी मीटिंग, पाकिस्तान करवा रहा है बीच-बचाव
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध खत्म करने के लिए अहम बातचीत शुरू हो गई है। इस मीटिंग में पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है ताकि दोनों देशों के बीच तनाव को कम किया जा सके। शनिवार से शुरू हुई इस चर्चा में दोनों देशों के उच्च स्तरीय प्रतिनिधि शामिल हुए हैं।
बातचीत का तरीका और मुख्य शर्तें क्या हैं?
यह बातचीत ‘प्रॉक्सिमिटी फॉर्मेट’ में हो रही है। इसका मतलब है कि अमेरिका और ईरान की टीमें अलग-अलग कमरों में बैठी हैं और पाकिस्तानी अधिकारी उनके बीच संदेश पहुँचा रहे हैं। ईरान ने शर्त रखी है कि लेबनान में तुरंत युद्ध रुकना चाहिए और उसके ब्लॉक किए गए पैसे वापस मिलने चाहिए। दूसरी तरफ अमेरिका ने मांग की है कि ईरान को ‘Strait of Hormuz’ को पूरी तरह खोलना होगा।
इस बड़ी मीटिंग में कौन-कौन शामिल है?
| देश/पक्ष | मुख्य प्रतिनिधि |
|---|---|
| ईरान | मोहम्मद बागेर गालिबाफ, विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अन्य सदस्य |
| अमेरिका | उप राष्ट्रपति JD Vance, स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर |
| पाकिस्तान | PM शहबाज शरीफ, विदेश मंत्री इशाक डार और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर |
ताज़ा अपडेट और सुरक्षा के इंतज़ाम
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दोनों प्रतिनिधिमंडलों के साथ अलग-अलग बैठकें की हैं। ईरान के एक सूत्र ने दावा किया है कि अमेरिका जमी हुई संपत्ति छोड़ने को तैयार है, लेकिन अमेरिका ने अभी इस बात की पुष्टि नहीं की है। बातचीत के दौरान इस्लामाबाद में सुरक्षा बहुत कड़ी रखी गई है और पूरे शहर को भारी सुरक्षा घेरे में रखा गया है।




