ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान की मदद से फिर से बातचीत शुरू हो गई है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कन्फर्म किया है कि दोनों देशों के बीच प्रस्तावों का लेन-देन चल रहा है। यह बातचीत केवल कुछ समय के लिए नहीं बल्कि लंबे समय तक चलने वाली प्रक्रिया है।

बातचीत में अब तक क्या हुआ और नया अपडेट क्या है?

18 मई 2026 को ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने बताया कि पाकिस्तान के जरिए अमेरिका के साथ बातचीत जारी है। पाकिस्तान ने ईरान का एक नया संशोधित प्रस्ताव वॉशिंगटन भेजा है। हालांकि, पाकिस्तानी सूत्रों का कहना है कि समय कम बचा है और दोनों पक्ष अपनी शर्तें बदल रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump का दावा है कि ईरान अब समझौता करने के लिए बहुत उत्सुक है।

बातचीत में क्या रुकावटें आ रही हैं?

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि अमेरिका पर भरोसे की कमी और वहां से मिलने वाले अलग-अलग संदेशों की वजह से यह रास्ता काफी मुश्किल है। मुख्य विवाद ईरान के यूरेनियम स्टॉकपाइल को लेकर है, जिस पर दोनों देशों के बीच गतिरोध बना हुआ है। वहीं अमेरिका चाहता है कि ईरान यह पक्का वादा करे कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा।

पाकिस्तान का रोल और अन्य देशों की स्थिति

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने इस मध्यस्थता को इतिहास का एक सुनहरा पल बताया है। उनके मुताबिक इस्लामाबाद में फिर से सीधी बातचीत हो सकती है। इस कोशिश में कतर और मिस्र भी पाकिस्तान की मदद कर रहे हैं। साथ ही ईरान ने चीन की भूमिका का भी स्वागत किया है और ओमान के साथ मिलकर Strait of Hormuz के मैनेजमेंट पर चर्चा कर रहा है। ईरान ने यह भी कहा है कि यदि अमेरिका उसके बंदरगाहों की नाकेबंदी खत्म करता है, तो वह जलमार्ग को फिर से खोलने के लिए तैयार है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या ईरान और अमेरिका के बीच कोई समझौता हो गया है?

नहीं, अभी बातचीत चल रही है और प्रस्तावों का आदान-प्रदान हो रहा है। 12 अप्रैल को इस्लामाबाद में हुई पहली सीधी बातचीत बिना किसी औपचारिक समझौते के खत्म हुई थी।

इस बातचीत में पाकिस्तान की क्या भूमिका है?

पाकिस्तान दोनों देशों के बीच मध्यस्थ का काम कर रहा है। वह ईरान के प्रस्तावों को अमेरिका तक पहुँचा रहा है ताकि दोनों के बीच तनाव कम हो सके।