अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने के लिए फिर से बातचीत हो सकती है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने बताया कि Trump प्रशासन की तरफ से नए सिरे से बातचीत के संकेत मिले हैं। हालांकि, ईरान अभी भी अमेरिका पर भरोसा नहीं कर रहा है और उसे डर है कि अमेरिका अपनी बात से पलट सकता है।

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बातचीत में क्या है बड़ी रुकावट और क्या कहा ईरान ने?

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने साफ किया कि अमेरिका के प्रति अविश्वास ही किसी भी समझौते में सबसे बड़ी बाधा है। उन्होंने बताया कि अमेरिका की तरफ से मिलने वाले मैसेज अलग-अलग और विरोधाभासी हैं, जिसकी वजह से ईरान को उनकी गंभीरता पर शक है।

  • भरोसे की कमी: ईरान ने कहा कि वह अमेरिकियों पर बिल्कुल भरोसा नहीं कर सकता और किसी भी डील से पहले हर बात का स्पष्ट होना जरूरी है।
  • सीजफायर की स्थिति: ईरान फिलहाल एक कमजोर सीजफायर को बनाए रखने की कोशिश कर रहा है ताकि कूटनीति के जरिए समाधान निकल सके।
  • सैन्य समाधान: अरागची ने कहा कि इस संघर्ष का कोई सैन्य समाधान नहीं है, सिर्फ बातचीत ही रास्ता है।

डोनाल्ड ट्रंप का रुख और परमाणु कार्यक्रम पर बड़ा बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के प्रति काफी सख्त लहजा अपनाया है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका Strait of Hormuz पर पूरा नियंत्रण रखता है और उसने ईरान की सेना को लगभग खत्म कर दिया है।

  • परमाणु प्रोग्राम: ट्रंप ने संकेत दिया कि अगर ईरान सही प्रतिबद्धता दिखाता है, तो वे उसके परमाणु कार्यक्रम को 20 साल के लिए रोकने के प्रस्ताव पर विचार कर सकते हैं।
  • शांति प्रस्ताव: उन्होंने ईरान के हालिया शांति प्रस्ताव को बेकार बताया और कहा कि उनका सब्र अब खत्म हो रहा है।
  • पाकिस्तान का रोल: ट्रंप ने खुलासा किया कि ईरान के साथ सीजफायर अन्य देशों के अनुरोध पर और पाकिस्तान के प्रति एक अहसान के तौर पर किया गया था।

UAE और अन्य देशों का इस विवाद में क्या रोल है?

नई दिल्ली में BRICS देशों की बैठक के दौरान ईरान के विदेश मंत्री ने पश्चिमी देशों के प्रभुत्व का विरोध किया। इस दौरान उन्होंने UAE पर भी गंभीर आरोप लगाए, जिसे UAE ने पूरी तरह खारिज कर दिया है।

  • UAE पर आरोप: ईरान ने दावा किया कि UAE इस युद्ध में सक्रिय भूमिका निभा रहा है, जबकि UAE के मंत्री Khalifa bin Shaheen Al Marar ने इसे गलत बताया।
  • नया पाइपलाइन प्रोजेक्ट: Strait of Hormuz के विवाद से बचने के लिए UAE अब एक नई तेल पाइपलाइन बनाने के काम में तेजी ला रहा है।
  • चीन और जर्मनी: चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping और जर्मनी के चांसलर Friedrich Merz दोनों ने सहमति जताई कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए और बातचीत की मेज पर आना जरूरी है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध खत्म होने की उम्मीद है?

ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि युद्ध का कोई सैन्य समाधान नहीं है और वे बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन अमेरिका पर भरोसा न होना सबसे बड़ी बाधा है।

ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में क्या प्रस्ताव दिया?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया कि अगर ईरान वास्तविक प्रतिबद्धता दिखाता है, तो वे उसके परमाणु कार्यक्रम को 20 साल के लिए रोकने के विकल्प पर विचार कर सकते हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.