ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका को ईरान के साथ टकराव में शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा है। इस बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ने से पूरी दुनिया में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गई हैं और हालात काफी गंभीर नजर आ रहे हैं।

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अमेरिका और ईरान के बीच क्या चल रहा है

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। 29 अप्रैल 2026 को अमेरिका ने समुद्र में एक ईरानी तेल टैंकर को जब्त कर लिया। इसके जवाब में ईरान ने अमेरिका को एक राजनयिक प्रस्ताव भेजा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुष्टि की कि यह प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए आया है, जिसमें ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को कुछ समय के लिए रोकने की बात कही है ताकि संघर्ष खत्म हो सके।

  • यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM): हिंद महासागर में ईरानी तेल टैंकरों को रोकने की पुष्टि की।
  • मार्को रुबियो: अमेरिकी विदेश मंत्री ने प्रस्ताव को उम्मीद से बेहतर बताया लेकिन परमाणु क्षमता रोकने पर जोर दिया।
  • अब्बास अराची: ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि उन्हें अमेरिका पर भरोसा नहीं है और वे सीधे बातचीत नहीं करेंगे।

तेल की कीमतों और व्यापार पर क्या असर पड़ा

होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी की वजह से कच्चे तेल की कीमतें 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं, जो पिछले चार साल का सबसे ऊंचा स्तर है। इस संकट के बीच पाकिस्तान ने ईरान के लिए छह नए जमीनी रास्ते खोले हैं ताकि जरूरी सामान पहुंच सके। भारत के लिए राहत की बात यह है कि भारत में ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फथाली ने कहा कि भारतीय जहाजों और तेल टैंकरों के लिए रास्ता पूरी तरह खुला है।

तारीख प्रमुख घटना
25 अप्रैल 2026 पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को नया प्रस्ताव मिला
28 अप्रैल 2026 पाकिस्तान ने ईरान के लिए 6 नए जमीनी रास्ते खोले
29 अप्रैल 2026 अमेरिका ने ईरानी तेल टैंकर जब्त किया
30 अप्रैल 2026 ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराची इस्लामाबाद पहुंचे

ईरान के सर्वोच्च नेता की सेहत को लेकर क्या है खबर

फरवरी 2026 में अली खामेनेई के निधन के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई सर्वोच्च नेता बने। उनकी सेहत को लेकर कई तरह की खबरें आ रही हैं। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक वे अमेरिकी और इजरायली हमलों में घायल हुए थे और उनके पैरों का ऑपरेशन हुआ है। हालांकि, ईरान के उप-प्रतिनिधि डॉ. मोहम्मद हुसैन जियाईनिया ने इन अफवाहों को गलत बताया है और कहा है कि नेता ठीक हैं। मोजतबा खामेनेई फिलहाल लिखित संदेशों के जरिए ही अपनी बात लोगों तक पहुंचा रहे हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

होर्मुज जलडमरूमध्य संकट से तेल की कीमतों पर क्या असर पड़ा है

नाकेबंदी के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं, जो पिछले चार वर्षों का उच्चतम स्तर है।

क्या भारतीय जहाजों के लिए रास्ता बंद है

नहीं, भारत में ईरान के राजदूत ने स्पष्ट किया है कि भारतीय व्यापारिक जहाजों और तेल टैंकरों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खुला है।