ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। ईरानी सैन्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने अपनी हरकतें बंद नहीं कीं, तो बड़ा टकराव हो सकता है। क्षेत्र में ड्रोन हमलों और जहाजों की नाकेबंदी ने माहौल को और गरमा दिया है, जिससे पूरी दुनिया की नजरें अब मिडिल ईस्ट पर टिकी हैं।
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ईरान की चेतावनी और सैन्य हमलों का ब्यौरा
ईरान के खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि अगर अमेरिका पश्चिमी एशिया और होर्मुज जलडमरूमध्य में अपनी नाकेबंदी और दखल जारी रखता है, तो ईरान इसका करारा जवाब देगा। सैन्य विवरणों के मुताबिक, ईरान ने पहले ही कई बड़ी कार्रवाइयां की हैं:
- सऊदी अरब के अल-खर्ज स्थित अमेरिकी अड्डे पर ईंधन भरने वाले विमानों को नष्ट किया गया।
- दुबई में अमेरिकी कमांड अधिकारियों के ठिकानों और एंटी-ड्रोन सिस्टम गोदाम को निशाना बनाया गया।
- एक अमेरिकी F-16 लड़ाकू विमान और एक उन्नत MQ-9 ड्रोन को मार गिराया गया।
- ईरानी नौसेना के प्रमुख रियर एडमिरल शहरम ईरानी ने बताया कि अरब सागर से होर्मुज जलडमरूमध्य तक नाकेबंदी कर दी गई है।
शांति प्रस्ताव और बातचीत में क्यों आई रुकावट
ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को युद्ध समाप्त करने के लिए एक नया शांति प्रस्ताव भेजा था। इस प्रस्ताव में होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और युद्ध रोकने की बात कही गई थी, लेकिन परमाणु वार्ता को बाद के लिए टालने का सुझाव दिया गया था। दूसरी तरफ, अमेरिका ने इस प्रस्ताव में बदलाव की मांग की है और शर्त रखी है कि ईरान अपने परमाणु स्थलों से समृद्ध यूरेनियम हटाए।
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहेगी, तब तक कोई सीधी बातचीत नहीं होगी। उनका कहना है कि ईरान किसी भी तरह के दबाव या धमकी के तहत बातचीत की मेज पर नहीं आएगा।
अमेरिका की जवाबी तैयारी और नई मिसाइल प्रणाली
तनाव बढ़ता देख अमेरिकी सेना ने भी अपनी तैयारी तेज कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चरों को तबाह करने के लिए अपनी पहली हाइपरसोनिक मिसाइल प्रणाली ‘डार्क ईगल’ तैनात करने पर विचार कर रहा है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रमुख ब्रैड कूपर ने संभावित हमलों की योजना पर चर्चा की है। इस रणनीति का मकसद तेहरान पर दबाव बनाना है ताकि वह अमेरिकी शर्तों को मानने के लिए मजबूर हो सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान ने अमेरिका के किन ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है
ईरान ने सऊदी अरब के अल-खर्ज स्थित अमेरिकी बेस, दुबई में अमेरिकी कमांड सेंटर और एक एंटी-ड्रोन सिस्टम गोदाम को नष्ट करने का दावा किया है।
शांति प्रस्ताव पर विवाद का मुख्य कारण क्या है
विवाद की मुख्य वजह परमाणु मुद्दा और नौसैनिक नाकेबंदी है। अमेरिका चाहता है कि परमाणु मुद्दे को प्रस्ताव में शामिल किया जाए, जबकि ईरान नाकेबंदी हटाने के बिना बातचीत को तैयार नहीं है।