Sea of Oman Tension: ईरान ने अमेरिकी युद्धपोतों पर दागे ड्रोन, अमेरिका ने लगाया समुद्री नाकाबंदी का पहरा
ओमान के समुद्र (Sea of Oman) में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बहुत बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान के एक मालवाहक जहाज ‘Toska’ को रोका, जिसके जवाब में ईरान ने अमेरिकी युद्धपोतों की तरफ ड्रोन भेजे। अब अमेरिका ने इस इलाके में अपनी नाकाबंदी और सख्त कर दी है, जिससे पूरे क्षेत्र में हलचल मची हुई है।
ईरान और अमेरिका के बीच विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
यह पूरा मामला 19 अप्रैल 2026 को शुरू हुआ जब US Navy के युद्धपोत USS Spruance ने ईरानी जहाज ‘Toska’ को रोका। अमेरिका का कहना है कि यह जहाज नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहा था, इसलिए इसके इंजन रूम में फायरिंग की गई और जहाज को कब्जे में ले लिया गया। इसके अगले ही दिन, 20 अप्रैल को ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिकी युद्धपोतों की तरफ ड्रोन दागे।
Strait of Hormuz में अमेरिका ने क्या नया नियम लागू किया?
अमेरिकी युद्ध मंत्री Pete Hegseth ने ऐलान किया है कि Strait of Hormuz में समुद्री नाकाबंदी जारी रहेगी और इसे और मजबूत किया जाएगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना को आदेश दिया है कि अगर ओमान की खाड़ी में कोई भी ईरानी फास्ट बोट अमेरिकी या अन्य जहाजों को खतरा पहुँचाती है, तो उन्हें ‘शूट एंड किल’ यानी गोली मारकर खत्म कर दिया जाए। अमेरिका ने अब तक 34 जहाजों को इस नाकाबंदी के कारण वापस मोड़ा है।
इस घटना पर ईरान का क्या कहना है?
ईरान के विदेश मंत्रालय और IRGC ने अमेरिकी कार्रवाई को समुद्री डकैती और आतंकवाद करार दिया है। ईरान का दावा है कि अमेरिका ने 8 अप्रैल के सीजफायर का उल्लंघन किया है। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र (UN) से मांग की है कि अमेरिकी हिरासत में लिए गए जहाज और उसके चालक दल को तुरंत रिहा किया जाए। ईरान ने चेतावनी दी है कि उसकी सेना इस हमले का कड़ा जवाब देगी।