ईरान और अमेरिका में फिर बढ़ी तनातनी, बंद हुआ होर्मुज जलडमरूमध्य, भारतीय जहाजों पर भी हुआ हमला
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान के संसद स्पीकर Mohammad-Bagher Ghalibaf ने कहा कि दोनों देशों के बीच कुछ मुद्दों पर सहमति बनी है, लेकिन कई बड़े विवाद अभी भी बरकरार हैं। इस खींचतान के बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से बंद कर दिया है, जिससे दुनिया भर में हलचल मच गई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों बंद किया गया और ट्रंप पर क्या आरोप लगे?
ईरान ने अमेरिका की नेवल नाकाबंदी और लेबनान युद्धविराम को लेकर अमेरिकी हरकतों के विरोध में होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया। संसद स्पीकर Ghalibaf ने राष्ट्रपति Donald Trump पर एक घंटे में सात झूठ बोलने का आरोप लगाया। उन्होंने साफ किया कि जब तक अमेरिकी नाकाबंदी रहेगी, यह रास्ता पूरी तरह खुला नहीं होगा। अब यहाँ से गुजरने के लिए ईरान की इजाजत और तय रास्तों का पालन करना होगा।
क्या अमेरिका और ईरान के बीच दोबारा बातचीत होगी?
ईरान के डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर Saeed Khatibzadeh ने बताया कि फिलहाल अमेरिका के साथ आमने-सामने बातचीत के लिए ईरान तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपनी पुरानी और सख्त मांगों को छोड़ने को तैयार नहीं है। जब तक दोनों देशों के बीच एक बुनियादी ढांचा (framework agreement) तय नहीं हो जाता, तब तक अगली मीटिंग की कोई तारीख तय नहीं की गई है।
भारतीय जहाजों पर हमले और अन्य बड़े अपडेट्स क्या हैं?
इस पूरे विवाद के बीच भारत के लिए चिंताजनक खबर आई है। होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दो भारतीय जहाजों पर फायरिंग की, जिसके बाद भारत सरकार ने ईरानी राजदूत को तलब किया है।
| विषय | मुख्य जानकारी |
|---|---|
| स्ट्रेट ऑफ होर्मुज | ईरान ने रास्ता बंद किया, अमेरिकी नाकाबंदी को जिम्मेदार ठहराया |
| डोनाल्ड ट्रंप | ईरान ने उन पर 7 झूठ बोलने का आरोप लगाया |
| भारत का मामला | दो भारतीय जहाजों पर फायरिंग, राजदूत को बुलाया गया |
| बातचीत की स्थिति | फिलहाल कोई तारीख तय नहीं, फ्रेमवर्क एग्रीमेंट जरूरी |
| यूएस टीम | VP J.D. Vance ने माना कि कोई समझौता नहीं हो पाया |
| तुर्की का बयान | बातचीत पूरी होने में काफी समय लगेगा |
| ईरानी नेवी चेतावनी | नाकाबंदी जारी रहने पर जहाजों को निशाना बनाया जा सकता है |