ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध रोकने की कोशिशें तो चल रही हैं, लेकिन अभी तक कोई बड़ा नतीजा नहीं निकला है। फिलहाल युद्धविराम (ceasefire) बना हुआ है, लेकिन Strait of Hormuz में हुई झड़पों ने माहौल को फिर से गरमा दिया है। दुनिया की नज़रें अब इस बात पर हैं कि क्या शांति समझौता हो पाएगा या तनाव और बढ़ेगा।
Strait of Hormuz में क्या हुआ और ईरान ने क्या चेतावनी दी है?
बीते दिनों Strait of Hormuz में हालात काफी खराब रहे। ईरान के विदेश मंत्रालय ने बताया कि 7 और 8 मई को अमेरिकी सेना ने ईरान के दो तेल टैंकरों और तटीय इलाकों पर हमला किया। इसके जवाब में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने धमकी दी है कि अगर उनके टैंकरों पर हमला जारी रहा, तो वे मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाएंगे।
- अमेरिकी कार्रवाई: अमेरिका ने 7 मई को बंदर अब्बास और केशम पोर्ट्स पर हमला किया। अमेरिका का कहना है कि यह उनके जहाजों पर हुए ड्रोन और मिसाइल हमलों का जवाब था।
- ईरान का रुख: ईरान ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है और इसे आतंकवादी कार्रवाई बताया है।
- जहाजों की सुरक्षा: ब्रिटेन ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग की सुरक्षा के लिए अपने युद्धपोत HMS Dragon को मिडिल ईस्ट भेजने का फैसला किया है।
शांति प्रस्ताव और दुनिया के देशों की क्या भूमिका है?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के सामने एक शांति प्रस्ताव रखा है और उन्हें जवाब का इंतज़ार है। ट्रम्प ने कहा कि उन्हें जल्द ही ईरान से जवाब मिलने की उम्मीद है। वहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बग़ाए ने साफ़ कर दिया कि उनका देश किसी समय सीमा या डेडलाइन को लेकर चिंतित नहीं है।
इस मामले को सुलझाने के लिए कई देश कोशिश कर रहे हैं। पाकिस्तान, रूस, सऊदी अरब, मिस्र और कतर जैसे देश युद्धविराम को बढ़ाने और शांति समझौता कराने में मदद कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव गुटरेस ने भी सभी पक्षों से अपील की है कि वे ऐसा कोई काम न करें जिससे तनाव और बढ़े।
शिपिंग और समुद्री रास्तों पर क्या असर पड़ा है?
7 मई को Strait of Hormuz को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा था। इस दौरान ईरान ने जहाजों के आने-जाने और टोल वसूलने के लिए ‘पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ नाम की एक संस्था बनाई है। ईरान के यूएन राजदूत आमिर सईद इरावानी ने सुरक्षा परिषद को पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि अमेरिका की इन हरकतों के नतीजे बहुत भयानक हो सकते हैं।
| तारीख | घटना | मुख्य विवरण |
|---|---|---|
| 7 मई 2026 | अमेरिकी हमला | बंदर अब्बास और केशम पोर्ट्स पर प्रहार |
| 8 मई 2026 | समुद्री झड़प | अमेरिकी जहाजों और ईरानी सेना के बीच टकराव |
| 9 मई 2026 | ईरानी धमकी | अमेरिकी ठिकानों पर हमले की चेतावनी |
| 10 मई 2026 | राजनयिक प्रयास | शांति प्रस्ताव पर जवाब का इंतज़ार |
Frequently Asked Questions (FAQs)
Strait of Hormuz में हाल ही में क्या हुआ?
7 और 8 मई 2026 को अमेरिका और ईरान के बीच झड़पें हुईं, जिसमें अमेरिका ने ईरान के दो तेल टैंकरों और बंदर अब्बास व केशम पोर्ट्स पर हमले किए।
क्या अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम खत्म हो गया है?
नहीं, झड़पों के बावजूद फिलहाल युद्धविराम (ceasefire) बना हुआ है, लेकिन दोनों देशों के बीच तनाव बहुत ज्यादा है।
