ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु समझौते को लेकर तनाव फिर से बढ़ गया है। ईरान के एक सांसद ने साफ़ कह दिया है कि अगर अमेरिका यूरेनियम के इस्तेमाल को पूरी तरह बंद कराना चाहता है, तो बातचीत करने का अब कोई फायदा नहीं है। इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच बातचीत पूरी तरह अटक गई है।
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ईरान यूरेनियम enrichment पर अड़ा क्यों है?
ईरानी सांसद Manouchehr Mottaki ने कहा कि अगर अमेरिका ‘zero enrichment’ यानी यूरेनियम को बिल्कुल न बनाने की शर्त रख रहा है, तो बातचीत करने का अब कोई मतलब नहीं है। उनके मुताबिक, अगर अमेरिका की यह मंशा पहले साफ़ होती तो ईरान अपना तरीका बदल लेता। उनके अलावा अन्य अधिकारियों ने भी इस पर कड़ा रुख अपनाया है:
- विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने साफ़ किया कि यूरेनियम बनाना ईरान का हक है और यह बातचीत का हिस्सा नहीं हो सकता।
- सांसद Esmail Kowsari ने कहा कि तेहरान किसी भी कीमत पर ‘zero enrichment’ को स्वीकार नहीं करेगा।
- परमाणु मामलों के उपाध्यक्ष Mohammad Eslami ने बताया कि यूरेनियम बनाने के अधिकार पर कोई समझौता नहीं होगा।
अमेरिका का क्या स्टैंड है और क्या है नया खतरा?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump चाहते हैं कि ईरान अपना पूरा परमाणु कार्यक्रम बंद कर दे। 27 अप्रैल 2026 को उन्होंने बातचीत के दूसरे चरण को रोक दिया और ट्वीट किया कि ईरान ने कुछ ऑफर तो किया लेकिन वह काफी नहीं था। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता Olivia Wales ने साफ़ किया कि अमेरिका सिर्फ ऐसी डील करेगा जिससे ईरान कभी परमाणु हथियार न बना सके।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रपति Trump अब ईरान के बंदरगाहों की लंबी समय तक नाकाबंदी (blockade) करने पर विचार कर रहे हैं। यह कदम ईरान को दबाव में लाने के लिए उठाया जा सकता है ताकि वह अगले दो दशकों तक यूरेनियम बनाना बंद कर दे।
इस विवाद में अन्य देशों और IAEA की क्या भूमिका है?
इस पूरे मामले में पाकिस्तान ने मध्यस्थता की कोशिश की थी, लेकिन 11-12 अप्रैल 2026 को इस्लामाबाद में हुई बातचीत से कोई नतीजा नहीं निकला। वहीं, रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin ने भी डोनाल्ड ट्रम्प के साथ ईरान के यूरेनियम स्टॉक को लेकर चर्चा की है।
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने ईरान के स्टॉक की जांच की है। एजेंसी के मुताबिक, जून 2025 तक ईरान के पास 60% शुद्धता वाला 400 किलो से ज़्यादा यूरेनियम था। यह 2015 के समझौते की सीमा से बहुत ज़्यादा है, जिसमें केवल 300 किलो और 3.67% शुद्धता की अनुमति थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान और अमेरिका के बीच विवाद की मुख्य वजह क्या है?
विवाद की मुख्य वजह यूरेनियम enrichment है। अमेरिका चाहता है कि ईरान यूरेनियम बनाना पूरी तरह बंद कर दे, जबकि ईरान इसे अपना अधिकार बता रहा है और इसे बंद करने से मना कर रहा है।
IAEA की रिपोर्ट में ईरान के बारे में क्या खुलासा हुआ?
IAEA ने पाया कि जून 2025 तक ईरान के पास 60% शुद्धता वाला 400 किलो से ज़्यादा यूरेनियम था, जो 2015 के परमाणु समझौते की तय सीमा से कहीं अधिक है।