अमेरिका और ईरान के बीच पिछले 100 से ज़्यादा दिनों से चल रहा युद्ध अब खत्म होने जा रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ऐलान किया है कि दोनों देशों के बीच डील पूरी हो गई है. अब सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई को तुरंत और हमेशा के लिए बंद कर दिया जाएगा.

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इस शांति समझौते में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई. पाकिस्तान की तरफ से जानकारी दी गई कि डील पर डिजिटल हस्ताक्षर होने की तैयारी थी. हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने कहा कि साइनिंग 14 जून को नहीं बल्कि आने वाले कुछ दिनों में हो सकती है. इस समझौते को अंतिम रूप देने के लिए Qatar के वार्ताकार भी Tehran पहुंचे हैं.

राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान पर लगे अमेरिकी नेवल ब्लॉकेड यानी समुद्री नाकेबंदी को हटाने का आदेश दिया है. साथ ही Strait of Hormuz को बिना किसी फीस के खोलने की बात कही है. ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने पुष्टि की कि नेवल ब्लॉकेड हटाना इस डील की मुख्य शर्त थी. उम्मीद है कि यह प्रक्रिया समझौते पर हस्ताक्षर के 30 दिनों के भीतर पूरी हो जाएगी.

जलमार्ग की फीस को लेकर दोनों देशों के बीच अभी भी खींचतान चल रही है. अमेरिका की मांग है कि Strait of Hormuz बिना किसी टोल के खुले, लेकिन ईरान का कहना है कि वह जहाजों से ‘सर्विस फीस’ लेगा. ईरान के विदेश मंत्री का कहना है कि यह रास्ता अब युद्ध से पहले वाली स्थिति में वापस नहीं जाएगा और वहां सुरक्षा और नेविगेशन फीस लागू होगी.

इस डील के तहत ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाने की प्रतिबद्धता जताएगा. बदले में अमेरिका ईरान पर लगे तेल के प्रतिबंधों में ढील देगा और ईरान की जमी हुई संपत्ति वापस करेगा. इसी बीच ईरान में एक बड़ा साइबर हमला हुआ है जिससे वहां के चार प्रमुख बैंकों की सेवाएं ठप हो गई हैं.