अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को रोकने की कोशिशें अब तेज हो गई हैं। पाकिस्तान इस समय दोनों देशों के बीच दूत का काम कर रहा है और संदेश पहुंचा रहा है। ईरान ने अमेरिका की शर्तों पर अपना बदला हुआ जवाब भेजा है, जिससे अब शांति की उम्मीद जागी है। 1 मई 2026 को इस युद्ध को खत्म करने की कानूनी समयसीमा भी पूरी हो रही है।
ईरान ने अमेरिका को क्या प्रस्ताव दिया है?
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने बताया कि उनके देश की प्राथमिकता एक टिकाऊ शांति समझौता करना है। ईरान ने अपने नए प्रस्ताव में कहा है कि अगर अमेरिका अपनी पूरी समुद्री नाकाबंदी हटा लेता है, तो ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोल देगा। सीबीएस नेटवर्क के अनुसार, पाकिस्तान के जरिए यह जवाब अमेरिका तक पहुंचाया गया है।
अमेरिका की शर्तें और राष्ट्रपति ट्रंप का रुख क्या है?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रूबियो का कहना है कि कोई भी समझौता तभी होगा जब ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह से बंद कर देगा। अमेरिका ने ईरान के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है जिसमें परमाणु मुद्दे को बाद के लिए टालने की बात कही गई थी। डोनाल्ड ट्रंप ने बयान दिया कि ईरान अभी एकजुट नहीं है और उसे जल्द ही यह बात समझ लेनी चाहिए कि बिना परमाणु समझौते के बात नहीं बनेगी। वहीं, पोलिटिको की एक रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने एक सैन्य योजना भी तैयार की है, जिसके तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए सैन्य कार्रवाई की जा सकती है, लेकिन ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी रहेगी।
पाकिस्तान की भूमिका और वर्तमान स्थिति क्या है?
पाकिस्तानी अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि इस बार समझौता हो सकता है क्योंकि ईरान ने अपनी शर्तों में बदलाव किया है। पाकिस्तान वर्तमान में केवल एक मध्यस्थ के रूप में काम कर रहा है और दोनों देशों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान कर रहा है। हालांकि, अधिकारियों ने यह भी माना कि अमेरिका और ईरान के बीच भरोसे की भारी कमी है, जो अभी भी शांति समझौते के रास्ते में सबसे बड़ी रुकावट बनी हुई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पाकिस्तान इस विवाद में क्या कर रहा है?
पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। वह दोनों देशों के बीच प्रस्तावों और संदेशों को एक-दूसरे तक पहुंचा रहा है ताकि युद्ध खत्म हो सके।
अमेरिका और ईरान के बीच मुख्य विवाद क्या है?
अमेरिका चाहता है कि ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह बंद करे, जबकि ईरान चाहता है कि अमेरिका उसकी समुद्री नाकाबंदी हटाए और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने पर सहमति दे।