मध्य पूर्व में तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। खुफिया रिपोर्ट और रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार ईरान अब अमेरिका और इजराइल के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए चीन के नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम का इस्तेमाल कर रहा है। जानकारी के मुताबिक ईरान ने अपने मिसाइल और ड्रोन गाइडेंस सिस्टम को पश्चिमी देशों के GPS से हटाकर चीन के BeiDou-3 (BDS-3) सिस्टम पर शिफ्ट कर लिया है। हाल ही में 11 मार्च 2026 को आई रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि चीन के Jilin-1 सैटेलाइट नेटवर्क के जरिए ईरान को रियल-टाइम डेटा मिल रहा है।

चीन का BeiDou सिस्टम कैसे काम करता है

चीन का यह सैटेलाइट सिस्टम पश्चिमी GPS से काफी अलग और एडवांस माना जा रहा है। ईरान को अब इसके B3A मिलिट्री सिग्नल का एक्सेस मिल गया है। इससे ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों की सटीकता बहुत बढ़ गई है और वे अब पांच मीटर के दायरे में सटीक निशाना लगा सकती हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि इजराइल के इलेक्ट्रॉनिक जैमर अब ईरानी ड्रोन्स को भटका नहीं पा रहे हैं। हाल ही में हुए ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान देखा गया कि BeiDou सिस्टम का इस्तेमाल कर रहे ईरानी हथियारों ने 98 प्रतिशत सफलता हासिल की है। यह सिस्टम इजराइली सिग्नल जैमिंग को आसानी से ब्लॉक कर देता है।

नेविगेशन सिस्टम शिफ्ट करने के मुख्य कारण

  • सुरक्षा: ईरान के संचार उपमंत्री एहसान चितसाज ने कहा कि पश्चिमी GPS पर निर्भरता उनके देश की सुरक्षा के लिए खतरा थी।
  • सटीक जानकारी: इस नए सिस्टम में टू-वे कम्युनिकेशन की सुविधा है। इससे ईरानी कमांड सेंटर हवा में 2000 किलोमीटर दूर उड़ रहे ड्रोन को भी सीधा कंट्रोल और डेटा भेज सकते हैं।
  • निगरानी: चीन के Jilin-1 सैटेलाइट अब फारस की खाड़ी और अल उदीद एयर बेस जैसे अमेरिकी सैन्य ठिकानों की रियल-टाइम निगरानी कर रहे हैं।

खाड़ी देशों और प्रवासियों पर इसका असर

ईरान और चीन के बीच यह कदम उनके 25 साल के व्यापक सहयोग समझौते का हिस्सा है। अमेरिकी अधिकारियों ने इस पर गहरी चिंता जताई है क्योंकि चीन की तकनीक मध्य पूर्व में पश्चिमी देशों की बढ़त को कमजोर कर रही है।

मध्य पूर्व में इस नए सैन्य और तकनीकी तनाव के कारण खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीय प्रवासियों की चिंताएं भी बढ़ सकती हैं। इस क्षेत्र में सुरक्षा हालात और हवाई यात्रा के रास्तों पर पड़ने वाले संभावित असर को देखते हुए अक्सर यात्रा करने वाले लोगों को भी ताजा खबरों पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.