ईरान के सुप्रीम लीडर के वरिष्ठ अंतरराष्ट्रीय मामलों के सलाहकार Ali Akbar Velayati ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका कूटनीति में भी वैसे ही हार का सामना करेगा जैसे वह युद्ध के मैदान में ईरान के खिलाफ हारा था। यह विवाद तब बढ़ा जब Donald Trump ने ईरान के शांति प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज कर दिया।

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Donald Trump ने ईरान के शांति प्रस्ताव को क्यों कहा कचरा?

Donald Trump ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर ईरान के प्रस्ताव को लेकर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने 11 और 12 मई 2026 को ईरान के शांति प्रस्ताव को पूरी तरह से अस्वीकार्य और कचरा बताया। Trump ने यह भी कहा कि मौजूदा युद्धविराम बहुत कमजोर है और वह ईरानियों को दोबारा मुस्कुराने का मौका नहीं देंगे।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए Ali Akbar Velayati ने कहा कि Trump को पश्चिम एशिया के नए भू-राजनीतिक हालात को समझना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि केवल शांति का दिखावा करके या परमाणु धमकियां देकर अमेरिका जीत हासिल नहीं कर सकता।

ईरान की शर्तें और अमेरिका के नए प्रतिबंध

ईरान ने 10 मई 2026 को पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए एक शांति प्रस्ताव पेश किया था। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने इसे एक उदार प्रस्ताव बताया था। इस प्रस्ताव में मुख्य रूप से ये मांगें शामिल थीं:

  • क्षेत्रीय युद्ध का पूरी तरह अंत हो।
  • अमेरिका ईरान पर लगी नाकेबंदी हटाए।
  • ईरान की जमी हुई संपत्ति वापस की जाए।
  • Strait of Hormuz से जहाजों के सुरक्षित गुजरने की गारंटी मिले।

दूसरी तरफ, अमेरिका ने 12 मई को ईरान के परमाणु शोध पर नए प्रतिबंध लगा दिए। US Treasury ने IRGC के तीन वरिष्ठ तेल अधिकारियों और नौ कंपनियों पर भी प्रतिबंध लगाए हैं क्योंकि उन पर चीन को तेल बेचने में मदद करने का आरोप है।

Strait of Hormuz में तनाव और तेल की कीमतों पर असर

दोनों देशों के बीच बढ़ती तनातनी का असर Strait of Hormuz के समुद्री रास्ते पर दिख रहा है। यहाँ से होने वाले जहाजों के आवागमन में काफी कमी आई है। अमेरिका का दावा है कि उसने 7 मई 2026 को इस इलाके में ईरान की 111 मिसाइलों को रोका था।

ईरानी सेना ने चेतावनी दी है कि जो देश प्रतिबंधों को लागू करेंगे, उनके जहाजों को इस रास्ते से गुजरने में मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। डिप्लोमेटिक स्तर पर इस गतिरोध की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने अमेरिका के सामने क्या शांति प्रस्ताव रखा था

ईरान ने 10 मई 2026 को पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए प्रस्ताव दिया था जिसमें क्षेत्रीय युद्ध खत्म करने, अमेरिकी नाकेबंदी हटाने, जमी हुई संपत्ति वापस लेने और Strait of Hormuz में सुरक्षित आवाजाही की मांग की गई थी।

अमेरिका ने ईरान पर हाल ही में क्या प्रतिबंध लगाए हैं

अमेरिका ने 12 मई को ईरान के उन परमाणु शोध कार्यों पर प्रतिबंध लगाए हैं जिनका इस्तेमाल सैन्य उद्देश्यों के लिए हो सकता है। साथ ही IRGC के तेल अधिकारियों और नौ फर्मों पर चीन को तेल बेचने के आरोप में प्रतिबंध लगाए गए हैं।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com