कैस्पियन सागर में 25 जुलाई 2026 को एक ईरानी कमर्शियल जहाज पर हुए हमले ने क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है। इस हमले के कारण जहाज में धमाका हुआ, जिसके बाद ईरान ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और UN Charter का उल्लंघन करार दिया है। ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने साफ कहा है कि इस हरकत का जवाब जरूर दिया जाएगा और ईरान अपने सुरक्षा हितों की रक्षा करने का पूरा हक रखता है।
तनाव का कारण और यूक्रेन का रुख
यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा है कि उनकी सेना ने कैस्पियन सागर में सैन्य कार्गो और एक युद्धपोत को निशाना बनाने के लिए लंबी दूरी की स्ट्राइक की थी। यूक्रेन के राजदूत Yevgen Korniychuk ने दावा किया कि इस जहाज में ड्रोन और मिसाइल बनाने के पार्ट्स थे, जो सैन्य आपूर्ति के तहत आते हैं। ईरान ने इन दावों को सिरे से खारिज किया है और उल्टा यूक्रेन पर Israel के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल
ईरान ने इस मामले को लेकर UN Security Council के पास शिकायत दर्ज कराई है और चेतावनी दी है कि इसके नतीजे गंभीर हो सकते हैं। इस दौरान, रूस के विदेश मंत्री Sergei Lavrov ने भी इस हमले की निंदा की है और इसे रूस और ईरान के बीच व्यापारिक मार्गों के लिए बड़ा खतरा बताया है। ईरान ने अपना विरोध दर्ज कराने के लिए 26 और 27 जुलाई को यूक्रेन के चार्ज डी’अफेयर्स को तलब किया था।
