कैस्पियन सागर में एक ईरानी कमर्शियल जहाज पर हुए हमले के बाद ईरान और यूक्रेन के बीच तनाव बढ़ गया है। यूक्रेन ने इस हमले को अनजाने में हुई कार्रवाई बताया है, जिसके बाद ईरान के विदेश मंत्री Seyyed Abbas Araghchi ने स्पष्ट किया कि उनके देश को इस नुकसान का मुआवजा चाहिए। मंगलवार, 28 जुलाई 2026 को ईरान ने कहा कि वह इस मामले में आगे कोई तनाव नहीं चाहता, लेकिन अपने नागरिकों और हितों पर किसी भी तरह का हमला स्वीकार नहीं करेगा।

ℹ️: Iraqi Kurdistan का बड़ा ऐलान, क्षेत्र को युद्ध का अखाड़ा बनने से रोकने के लिए उठाए जाएंगे कड़े कदम

हमले की पूरी जानकारी

यूक्रेन के विदेश मंत्री Andrii Sybiha ने फोन पर बातचीत के दौरान बताया कि यूक्रेन की रक्षात्मक कार्रवाई केवल रूस के खिलाफ है और उनका मकसद किसी नागरिक जहाज को निशाना बनाना नहीं था। इससे पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy ने 26 जुलाई 2026 को खुद पुष्टि की थी कि यूक्रेनी सेना ने कैस्पियन सागर में सैन्य कार्गो ले जा रहे जहाजों को निशाना बनाया है।

ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया

ईरान ने इस हमले को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए इसे अवैध और खतरनाक बताया है। ईरान ने दावा किया कि इसमें Israel का हाथ हो सकता है और मामले को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सामने मुद्दा उठाया गया है। ईरान के विदेश मंत्री ने इस मुद्दे पर रूस के विदेश मंत्री Sergei Lavrov और यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख Kaja Kallas से भी चर्चा की है। यूक्रेन ने भी बदले में ईरान से रूस को दी जा रही सैन्य मदद रोकने की मांग की है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.