ईरान ने पर्शियन गल्फ की सुरक्षा को लेकर अपना रुख बिल्कुल साफ कर दिया है. देश के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रज़ा आरिफ ने कहा कि गल्फ की सुरक्षा के मुद्दे पर ईरान किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा. उन्होंने इस क्षेत्र के देशों को अपनी रणनीति बदलने और बाहरी ताकतों पर भरोसा कम करने की सलाह दी है.

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पर्शियन गल्फ की सुरक्षा पर ईरान का क्या कहना है?

उपराष्ट्रपति Mohammad Reza Aref ने स्पष्ट किया कि पर्शियन गल्फ की सुरक्षा ईरान की सरकार और वहां के लोगों के लिए सबसे ऊपर है और इस पर कोई बातचीत या समझौता नहीं हो सकता. उन्होंने ईरान को इस क्षेत्र का बड़े भाई (Elder Brother) और स्थिरता लाने वाला मुख्य आधार बताया. आरिफ के मुताबिक, इस इलाके में स्थायी शांति तभी आ सकती है जब सभी तटवर्ती देश आपस में सहयोग करें और अपनी साझा ताकत को बढ़ाएं.

पड़ोसी देशों और बाहरी ताकतों को क्या चेतावनी दी गई?

ईरान के उपराष्ट्रपति ने गल्फ के तटवर्ती देशों से कहा कि अब समय आ गया है कि वे कमजोर सहारा देने वाले ढांचों को छोड़ें और अपनी रणनीतिक सोच को बदलें. उन्होंने उन बाहरी ताकतों को चेतावनी दी जो इस क्षेत्र के मामलों में दखल देते हैं. साथ ही, ईरान के दक्षिणी पड़ोसियों को यह सलाह दी गई कि अब बाहरी देशों पर निर्भरता कम करना जरूरी हो गया है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान के उपराष्ट्रपति ने पर्शियन गल्फ की सुरक्षा को लेकर क्या कहा?

उपराष्ट्रपति मोहम्मद रज़ा आरिफ ने कहा कि पर्शियन गल्फ की सुरक्षा ईरान की सरकार और राष्ट्र के लिए गैर-परक्राम्य (non-negotiable) है, यानी इस पर कोई समझौता नहीं होगा.

ईरान ने अपने पड़ोसी देशों को क्या सलाह दी है?

ईरान ने अपने दक्षिणी पड़ोसियों और तटवर्ती देशों को सलाह दी है कि वे बाहरी शक्तियों (extra-regional powers) पर अपनी निर्भरता कम करें और क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा दें.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com